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मैट्रिक परीक्षा में नकलचियों पर रहेगी विशेष नजर

मुजफ्फरपुर। कार्यालय संवाददाता। मैट्रिक परीक्षा में नकलचियों पर विशेष नजर रहेगी। मैट्रिक परीक्षा की तैयारी को लेकर मंगलवार को आयोजित बैठक में डीएम अनुपम कुमार ने इस बावत विशेष निर्देश जारी किया। कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, पुलिस प्रशासन केसाथ ही सभी केन्द्राधीक्षकों को दिशा निर्देश दिया।

बैठक में परीक्षा के बेहतर संचालन के साथ-साथ हर केन्द्र पर व्यवस्था दुरुस्त करने की रणनीति बनाई गई। 44 केन्द्रों पर होने वाली परीक्षा के लिए डीएम ने निर्देश दिया कि सफाई, शौचालय व पेयजल की व्यवस्था बुधवार तक हर हाल में दुरुस्त होनी चाहिए।

इसके लिए सभी केन्द्राधीक्षकों को विशेष निर्देश दिया गया। पहली बार दो पाली में परीक्षा आयोजित की जा रही है, इसके लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रश्नपत्रों में किसी तरह की हेराफेरी ना हो, इसके लिए कोषागार से परीक्षा कक्ष तक वीडियोग्राफी का निर्देश डीएम ने दिया।

डीईओ मुस्तफा हुसैन मंसूरी ने बताया कि दोनों पाली के लिए एक साथ ही प्रश्नपत्र कोषागार से निकाले जाएंगे। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी ना हो, इसके लिए प्रश्नपत्र उठाने, बांटने के साथ जमा करने तक वीडियोग्राफी होगी। यदि इसमें किसी तरह की हेराफेरी होती है तो संबंधित केन्द्राधीक्षक इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

इसी तरह उत्तरपुस्तिकाओं पर भी ध्यान रखना है। पहली पाली की उत्तरपुस्तिका सफेद कपड़े में व दूसरी पाली की उत्तरपुस्तिका लाल कपड़े में रखना है। सभी केन्द्राधीक्षकों को सुबह 6.30 बजे तक कोषागार में प्रश्न पत्र लेने के लिए पहुंच जाना है।

डीईओ ने बताया कि परीक्षा में 700 वीक्षक लगाए गए है। जिन वीक्षकों ने अभी तक योगदान नहीं दिया है, वे बुधवार दोपहर तक हर हाल में योगदान दे देंगे। नेट से भी डाउनलोड कर सकते हैं एडमिट कार्डजिन छात्रों को किसी कारण एडमिट कार्ड नहीं मिल पाया है, वे इंटरनेट से डाउनलोड कर सकते हैं। डीईओ ने बताया कि छात्र इसे प्रोविजनल एडमिट कार्ड के रूप में उपयोग करेंगे। संबंधित विद्यालय प्रभारी उस पर हस्ताक्षर कर अपनी अनुमति देंगे और ऐसे छात्रों की सूची बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को एक सप्ताह के अंदर भेजेंगे।

इसके अलावा भी अगर किसी छात्र के एडमिट कार्ड में गड़बड़ी है तो संबंधित प्रभारी से इसमें आवश्यक सुधार कराएंगे। डीईओ ने बताया कि नि:शक्त बच्चों को विशेष सुविधा दी गई है। अगर वे सहयोग के लिए किसी अन्य बच्चों को साथ में रखना चाहते हैं तो इसके लिए विभाग से पहले अनुमति ले लेंगे। इसमें छात्र यह ध्यान रखेंगे कि सहयोगी बच्चा आंठवीं कक्षा से ऊपर का नहीं हो।

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