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सीबीआई के रडार पर नौ और एफसीआई कर्मी

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। वर्ष 2011 में एफसीआई के नारायणपुर अनंत गोदाम से 35 हजार क्विंटल अनाज (5 करोड़ 60 लाख रुपये) घोटाला मामले में सीबीआई के रडार पर एफसीआई के नौ और कर्मचारी हैं।

सीबीआई की विशेष अदालत से इन कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा चुका है। सीबीआई की ओर से इन सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। इधर, अनाज घोटाले में पांच कर्मचारियों की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही मुजफ्फरपुर एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक ने चार कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की अनुशंसा की है। हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पांच में चार आरोपी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने की अनुशंसा की है।

गिरफ्तार एक कर्मचारी पहले ही रिटायर हो चुका है। दरअसल, सीबीआई ने अनाज घोटाले में कुल 14 कर्मचारियों पर आरोप तय किया है। इन सभी के खिलाफ गिरफ्तार वारंट भी जारी है। वैसे, इस पूरे मामले में पिछले तीन वर्ष से एफसीआई के कई अधिकारियों सहित 52 कर्मचारियों के खिलाफ जांच चल रही है। इसमें से कई दोषमुक्त भी कर दिए गए हैं।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो चंदेशवर ठाकुर, वशि्वनाथ साह, राजकुमार प्रसाद सिंह, कृष्ण मोहन और नवल किशोर सिन्हा के अलावा विंदेश्वरी प्रसाद, एएन दूबे, गणेश राम, आसिफ अली, अर्जुन सिंह, दिनेश्वर प्रसाद सिंह, एस एन पांडेय, श्रीलाल पासवान व राम योगेन्द्र सिंह के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने वारंट जारी कर रखा है।

हालांकि, एफसीआई के क्षेत्रीय कार्यालय को इसकी विधवित सूचना नहीं है। वहीं, इस मामले में एफसीआई ने दस कर्मचारियों दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया है। इन सभी बर्खास्त कर्मचारियों से करीब-करीब 13-13 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गयी है। सीबीआई ने सोमवार को पटना में एफसीआई के चंदेशवर ठाकुर, वशि्वनाथ साह, राजकुमार प्रसाद सिंह, कृष्ण मोहन और नवल किशोर सिन्हा नामक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था।

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