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भारत को करीब से जानने पहुंचे जर्मनी के छात्र

मोदीपुरम। हमारे संवाददाता। मंगलवार को यूनविर्सिटी ऑफ एप्लाइंड साइंस बुर्ज बर्ग जर्मनी के 35 छात्र-छात्राओं व 8 अध्यापकों का दल शैक्षणिक भ्रमण पर नीलकंठ ग्रुप ऑफ इंस्टीटय़ूशनस पहुंचा। दल के नेतृत्तव कत्र्ता प्रोफेसर ए गिरोला तथा प्रोफेसर बर्जिट गिरौली ने बताया कि आने का मूल उद्देश्य हिन्दुस्तान को करीब से जाना है । मुख्य रूप से जर्मनी व यूरोपियन देशों में वैदिक शिक्षा परंपरा पुरोधा के रूप में होती है और हर कोई इस शिक्षा व्यवस्था को निकट से जानना और समझना चाहता है।

उन्होंने बताया कि दल में शामिल छात्र-छात्राएं व शिक्षक इस संदर्भ में उत्साहित हैं कि उन्हें भारतीय परविेश में हिन्दुस्तानी छात्र-छात्राओं से बातचीत का अवसर मिल रहा है । इधर इंस्टीटय़ूशनस के वाइस चेयरमेन डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने अतिथि दल का परंपरागत तरीके से अभविादन करते हुए कहा कि हमारे देश की परंपरा वशि्व बंधुत्व की रही है और हमारी वैदिक शिक्षा पद्धती वास्तव में आज भी वशि्वभर के लिये प्रेरक और प्रासांगिक है। इसी कड़ी में यूनविर्सिटी ऑफ एप्लांठ साइंस बुर्ज बर्ग जर्मनी के अतिथि यहां आए हैं।

दोनों ही संस्थानों के शिक्षकों शोधकत्र्ताओं व विद्यार्थियों को नशि्चित लाभ मिलेगा। अतिथिदल ने दौराला देहात के गांव समौली स्थित एक विद्यालय का भी दौरा किया और माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षा को निकट से जाना समझा। इस आयोजन में लिस्ट कोनी, भावना शर्मा व संदीप शर्मा ने भी न केवल सहयोग प्रदान किया ।

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