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अब नए सिरे से होंगे आईबीएफ के चुनाव

अब नए सिरे से होंगे आईबीएफ के चुनाव

भारत को बर्खास्त करने के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ के फैसले के बाद अब आईबीएफ को नए सिरे से चुनाव कराने होंगे जिससे मौजूदा पदाधिकारी अभी तक बचते आये हैं।
    
एआईबीए का यह फैसला अभय चौटाला विरोधी गुट के लिए वरदान बनकर आया है जो नए महासंघ का हिस्सा बनने के लिए एआईबीए की अनुमति मांगेंगे।
    
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को दिसंबर 2012 में निलंबित कर दिया गया था। उसे नए सिरे से चुनाव कराने के लिए कहा गया था क्योंकि एआईबीए का मानना है कि सितंबर में कराये गए चुनावों में धांधली हुई थी।
    
आईबीएफ अधिकारियों ने हालांकि एआईबीए की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। उनका मानना था कि अध्यक्ष अभिषेक मटोरिया और महासचिव राजेश भंडारी को मान्यता मिल ही जाएगी। एआईबीए ने हालांकि अपना रूख तल्ख करते हुए मामला अपने हाथ में ले लिया और मुक्केबाजी से प्यार करने वाले लोगों को नए राष्ट्रीय महासंघ के गठन के आवेदन जमा करने की अनुमति देने के लिए यह फैसला किया।
     
एक सूत्र ने बताया कि भारत के सदस्यता अधिकार चले गए हैं। आईबीएफ का एआईबीए में कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा लेकिन अच्छी बात यह है कि एआईबीए ने खुद कदम उठाया है। अब बदलाव के इच्छुक लोगों और एआईबीए में सीधे संवाद होगा। इसके मायने हैं कि अब स्वच्छ छवि वाले पदाधिकारी पदभार संभालेंगे।

चौटाला विरोधी गुट के साथ आईबीएफ की 35 में से 20 से अधिक ईकाइयां हैं। चौटाला के करीबी रिश्तेदार मटोरिया को 2012 में हुए चुनाव में अध्यक्ष बनाया गया था। चौटाला विरोधी गुट ने पश्चिम बंगाल ईकाई के प्रमुख असित बनर्जी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है जो एआईबीए से पत्राचार कर रही है। इसकी अंतिम बैठक गुवाहाटी में 23 फरवरी को हुई थी।
    
एक अधिकारी ने कहा कि हम जल्दी ही एआईबीए को पत्र लिखकर संविधान में संशोधन के लिए बैठक बुलाने की अनुमति मांगेंगे ताकि संविधान को एआईबीए नियमों के अनुरूप बनाया जा सके। इसके अलावा नए सिरे से चुनाव की तारीख भी तय की जाएगी।

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