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कचचरजई पर भड़का पाक

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के धमकी भरे इस बयान पर कि वह तालिबानी आंतकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाक के भीतर भी सेना भेज सकते हैं, पााकिस्तान सरकार ने सोमवार को यहां अफगानिस्तान के राजदूत को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। दूसरी तरफ, पूर्वी अफगानिस्तान में हाारों अफगानियों ने जमा होकर कराई की बात का जोरदार समर्थन किया। सूत्रों के मुताबिक, अफगान राजदूत अनवर अनवरजाई को पाक विदेश मंत्रालय तलब कर करजई के बयान पर पाक सरकार की नाराजगी से अवगत कराया गया। समाचार पत्र डान ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक के हवाले से कहा कि पाक की संप्रभुता का सम्मान नहीं करने वाले इस तरह के बयान से न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम कमजोर पड़ेगी, बल्कि इसका उल्टा असर भी पड़ेगा। सादिक ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि करजई का यह बयान पाकिस्तान पर आरोप लगाने का सिलसिला नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की सेना और वहां मौजूद गठबंधन सेना चाहे वहां की सरजमीं पर आतंकवादियों के खिलाफ जो चाहे कार्रवाई करें लेकिन जहां पाकिस्तान का सवाल है वहां केवल पाकिस्तान की सेना को ही ऐसा करने का अधिकार है।ड्ढr पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने सोमवार रात एक निजी चैनल से साक्षात्कार में कहा, ‘न तो हम किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों में दखल देते हैं और न ही किसी अन्य देश को ऐसा करने देंगे।’ गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध कायम रखना चाहता है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से रिश्तों में दरार आ सकती है। उधर, पाक से लगते अफगानी प्रांत पाकटिका के गवर्नर के प्रवक्ता घामी मोहममद यार ने बताया कि कराई के बयान के समर्थन में सोमवार को सैंकड़ों कबायली नेता, मौलाना और वृद्ध गर्वनर हाउस के अहाते में जुटे। यार ने 80 के दशक में सोवियत सेना के खिलाफ लड़ाई का हवाला देते हुए कहा, ‘हम अपने देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पहले की ही तरह फिर बलिदान देने को तैयार हैं।’ पाकटिका के गवर्नर ने कहा कि ऐसा जमावड़ा प्रांत में तीन जगहों पर हुआ है।

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