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अब पढ़े-लिखे क्यूरेटर ही बनाएंगे पिच

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अब अनपढ़ या कम पढ़े लिखे ग्राउंड्समैन को विकेट निर्माण की जिम्मेदारी सौंपने के मूड में नहीं है। भविष्य में क्यूरटरों को भी अम्पायर और स्कोररों की तर्ज पर बीसीसीआई की परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। परीक्षा में सफल क्यूरटरों को बोर्ड की ओर से एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके बाद बोर्ड सफल प्रतियोगियों में से श्रेष्ठ क्यूरटर का चुनाव करगा। पिच कमेटी के इस प्रस्ताव को बोर्ड से सराहना भी मिली है और वर्किंग कमेटी की बैठक में इसको लागू करने की औपचारिकता भर शेष है। साफ है कि बोर्ड अब विकेट निर्माण में भी पेशेवर रुख अपनाते हुए सर्टिफिकेट कोर्स किए क्यूरटरों को ही तरजीह देगा। बोर्ड अब से क्यूरटर के पद के लिए पूर्व टेस्ट और रणजी खिलाड़ियों को भी वरीयता देगा। बीसीसीआई कार्यालय के एक सूत्र के मुताबिक जल्दी ही इस बार में फैसला ले लिया जाएगा। बोर्ड अपने सर्टिफिकेट प्राप्त क्यूरटरों को मासिक वेतन भी देने पर विचार कर रहा है। वैसे इस बार में बोर्ड ने दो वर्ष पहले भी योजना बनाई थी लेकिन अब तक क्यूरटरों को मेहनताना नहीं मिल पा रहा था, पर माना जा रहा है कि इस बार बोर्ड क्यूरटरों के लिए भी अपने वार्षिक बजट में अच्छा प्रावधान कर सकता है। यह सर्टिफिकेट कोर्स सिर्फ क्यूरटरों के लिए होगा, इसमें अन्य ग्राउन्ड स्टाफ को शामिल नहीं किया जाएगा। सूत्रों का तो यहाँ तक कहना है कि बोर्ड क्यूरटरों को मेहनताने के रूप में प्रति माह लगभग 10 हजार रुपए या उससे भी ज्यादा का भुगतान कर सकता है। बोर्ड को यह जरूरत भारतीय विकेटों को लेकर लगातार हो रही किरकिरी के बाद महसूस हुई। बोर्ड की पिच एवं ग्राउंड कमेटी ने हाल ही में बोर्ड को इस बार में अपने सुझाव भेजे हैं, जिसे बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक में हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना है। अप्रैल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुई घरलू टेस्ट सिरीज में मोटेरा और ग्रीनपार्क के विकेटों को लेकर बोर्ड की खूब फजीहत हुई थी। उसी के बाद पिच कमेटी ने तय कर लिया था कि अब अन्तरराष्ट्रीय स्तर के सेन्टरों पर उन्हीं क्यूरटरों की नियुक्ित की जाएगी, जो विकेट के बार में तकनीकी ज्ञान रखते होंगे। बोर्ड से प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए क्या योग्यता जरूरी होगी इस बार में बोर्ड प्रस्ताव पास होने के बाद सभी राज्य संघों को सूचित करगा।ड्ढr पिच कमेटी की ओर से बोर्ड को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि विकेट और मैदानों के लिए नई अति आधुनिक विदेशी मशीनों के आने के बाद अब क्यूरटरों का शिक्षित होना जरूरी हो गया है।ड्ढr जहाँ तक मैदान में कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों का सवाल है तो इस कमेटी का कहना है कि यह स्टाफ आमतौर कर कम पढ़ा लिखा होता है इसलिए उनके लिए इस कोर्स की अनिवार्यता नहीं रखी जाएगी, पर इतना जरूर है कि नई मशीन का मैदान पर कैसे इस्तेमाल किया जाए इस बार में समय-समय पर इन्हें भी जानकारी दी जाएगी।ड्ढr पिच कमेटी का एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पाँचों जोन में क्यूरटरों की संख्या बढ़ाने का भी है। अभी तक प्रत्एक जोन में सिर्फ एक ही क्यूरटर है लेकिन जूनियर क्रिकेट मैचों की संख्या बढ़ने और सीनियर स्तर पर भी मैचों की बहुतायत को देखते हुए कमेटी ने बोर्ड को क्यूरटर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा पिच कमेटी ने मैच रैफरी के उस फार्म में भी फेरबदल करने को कहा है, जिसमें विकेट के बार में भी उसे रिपोर्ट देनी होती है।ड्ढr

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