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रामविलास का सच दलित समाज को बताएंगे: रमैया

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। पिछले महीने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी केपी रमैया सोमवार को जदयू में शामिल हो गए। संभावना है कि वह सासाराम से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक व जदयू प्रवक्ता संजय सिंह की मौजूदगी में रमैया ने पार्टी प्रदेश कार्यालय में जदयू की सदस्यता ग्रहण की।

सदस्यता ग्रहण करने के तुरंत बाद रमैया लोजपा नेता रामविलास पासवान के खिलाफ मुखर हो गए। उन्होंने कहा कि चाबी लेकर भागने की बात करने वाले दलित नेता ने मूल्यों को ताक पर रख दिया है। पूरे प्रदेश में महादलित व दलित समाज के लोगों के बीच वह दलित नेता के इस सच को प्रचारित करेंगे। प्रोन्नति में आरक्षण दिए जाने से हुआ प्रभावितरमैया ने कहा कि बिहार एकमात्र राज्य हैं जहां प्रोन्नति में अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को आरक्षण प्राप्त है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस सोच से वह प्रभावित हुए और जदयू में शामिल होने का फैसला किया। वर्ष 1986 में वह नौकरी करने बिहार आए थे। गया में सीनियर डिप्टी कलक्टर के तौर पर उनकी पहली नियुक्ति थी। अब उन्होंने तय किया है कि सामाजिक विकास के क्षेत्र में सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। तथाकथित दलित नेताओं को मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें चुनाव के मैदान में उतारती है या नहीं कोई फर्क नहीं पड़ता।

वह जदयू के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते रहेंगे। मिलन समारोह में जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन व ओमप्रकाश सिंह सेतु भी मौजूद थे। जदयू ने देवेशचंद्र ठाकुर का इस्तीफा स्वीकार कियाजदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रमैया जैसे समझदार व्यक्ति के जदयू में आने से पार्टी को फायदा होगा। दलित और महादलित समाज के लोगों से इनका लगाव रहा है। रामविलास पासवान के भाजपा में जाने पर कहा कि दरअसल उन्हें कोई पूछ ही नहीं रहा था। देवेश चंद्र ठाकुर के जदयू से इस्तीफा पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

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