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व्यावसायिक शिक्षा के नाम पर ‘व्यवसाय’, विभाग सख्त

 मुजफ्फरपुर। कार्यालय संवाददाता। व्यावसायिक शिक्षा के नाम पर हो रहे ‘व्यवसाय’ पर विभाग ने नकेल कसनी शुरू कर दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरबी चौधरी ने कागज पर चल रहे व्यावसायिक कोर्स के लिए अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है। साथ ही हाईस्कूलों में चल रहे इन कोर्स के नाम पर मिलने वाले लाखों रुपये का हिसाब मांगा है।

निदेशक ने इस साल दी जाने वाली राशि पर शिकंजा कस दिया है। बिना जांच स्कूलों को राशि देने पर संबंधित अधिकारी कार्रवाई की जद में रहेंगे। इस संबंध में डीपीओ स्थापना को निर्देश देते हुए व्यावसायिक कोर्स की पूरी जांच करने को कहा है। चेतावनी दी है कि कोर्स के नाम पर खानापूर्ति करने वाले स्कूलों को राशि दी जाती है तो संबंधित डीडीओ से वसूली की जाएगी। दो दर्जन हाईस्कूलों में चल रहे व्यावसायिक कोर्स जिले के दो दर्जन हाईस्कूलों में व्यावसायिक कोर्स चल रहे हैं।

कथित तौर पर चलने वाले इन कोर्स के लिए हर साल विभाग की ओर से लाखों रुपये दिए जाते हैं। इनमें नर्सिग, मैनेजमेंट, पोल्ट्री फॉर्म ट्रेनिंग, मैनेजमेंट आदि शामिल हैं। इंटरमीडिएट स्तर के इन कोर्स की जमीनी सच्चाई यह कि मुश्किल से किसी-किसी स्कूल में 3-5 बच्चों मिलते हैं। कहीं-कहीं तो एक भी बच्चा नहीं हैं। निदेशक ने नाराजगी जताते हुए पूरा रिकार्ड मांगा है। इसके तहत यदि किसी स्कूल में बच्चों नहीं हैं तो वहां राशि नहीं दी जानी है।

30 लाख रुपये के आवंटन के साथ ही निदेशक ने पूरी जांच का आदेश दिया है। ं।

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