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शहर की कई हस्तियां पालिका की कर्जदार

 मथुरा। हिन्दुस्तान संवाद।  पालिका का बकाया नहीं चुकाने वालों में धन्ना सेठ व नेताओं के अलावा सामाजिक संगठन भी शामिल है। इन सभी से अपने बकाया को वसूल करने के लिए पालिका ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पालिका की इस कदम के बाद राजनैतिक व सामाजिक हलकों में हड़कम्प मचा हुआ है। बकाया जमा करने के लिए पालिका ने सभी को एक सप्ताह का समय दिया है।

शहर के विकास का जिम्मा नगर पालिका के पास है, जबकि शहर की जो हालत है वह किसी से छिपी नहीं है। शहर की दुर्दशा पर जब भी पालिका से बात की गई उसने धन की कमी का रोना रो-कर अपनी जान छुड़ाने का प्रयास किया। कदम कदम पर पालिका को कोसने वाले ही पालिका के सबसे बड़े मुजरिम भी हैं। इनमें राजनैतिक संगठनों से जुड़े लोगों के अलावा सामाजिक संगठन भी शामिल है। पालिका ने अपने बकायदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

इन सभी ने लम्बे अर्से से पालिका को गृह व जलकर का कोई भुगतान नहीं किया है। यहीं वजह है कि इन सभी पर पालिका का लाखों रुपया बकाया चला आ रहा है। इस बकाए को वसूलने के लिए पालिका ने प्रयास शुरू कर दिए है। जिन लोगों पर पालिका का बकाया है उन्होंने जोड़ जुगाड़ से गृह व जलकर को कम कराया हुआ है। उनके भवनों का कर निर्धारण नियमानुसार कराया जाए तो हकीकत कुछ और निकल कर सामने आएगी।

पालिका ने इस सभी को बकाया भुगतान करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। बकाया नहीं चुकाने की दशा में पालिका सभी के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी कर मामला तहसील के पाले में डाल देगी। इन पर है बकायाआमदनी के लहिाज से सबसे धनवान अग्रवाल सेवा सदन पर पालिका का हजारों रुपया बकाया चला आ रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष डा. डीपी गोयल के नर्सिगहोम पर पालिका का जलकर 1 लाख 67 हजार 795 व गृहकर का 83 हजार 897 रुपए बकाया हैं।

आदर्श फैजेआम एजूकेशन सोसायटी, अग्रवाल सेवा सदन, केन्द्र निर्देशक दूरदर्शन, दवि्या बिल्डर्स, ठा. किशोरी रमन जी महाराज, ठा. दाऊजी महाराज, ठा. मदन मोहन जी महाराज, पंचायती कसेरान ट्रस्ट आदि कई संस्थान हैं, जिन पर पालिका का लाखों रुपया बकाया चला आ रहा है। सेठ हवेली को गिरवाने के लिए लिखा पत्रमथुरा। द्वारिकाधीश मंदिर के निकट स्थित जीर्ण शीर्ण अवस्था में खड़ी सेठ हवेली को गिरवाने की गुहार द्वारिकाधीश मंदिर के विधि अधिकारी ने डीएम से लगाई है। उनके द्वारा जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा गया है कि मंदिर के सामने सेठ हवेली के नाम से खड़ा भवन करीब दो सौ वर्ष से अधिक पुराना है।

उसमें से आए दिन पत्थर आदि गिरते रहते हैं। मुख्य बाजार होने, यमुनाजी व मंदिर होने की वजह से वहां हर समय भीड़ रहती है। हवेली के उत्तर दिशा में पत्थर अक्सर गिरते रहते हैं। इस बारे में नगर मजिस्ट्रेट व नगर पालिक को कई बार पत्र लिख कर अवगत भी करा दिया गया। इसके बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भवन स्वामी से भी इसकी शिकायत की गई। उन्होंने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया।

इस जीर्ण शीर्ण किराएदार भी अपनी जान जोखित में डाल कर रह रहे हैं। विधि अधिकारी ने धारा 133 (डीसीआरपीसी) के तहत कार्रावई कर उक्त हवेली को उसके मालिक व उसमें नविास कर रहे या व्यापार कर रहे व्यक्तियों को खुद तुड़वाने की बात कही है। साथ ही आशंक जाहिर की गई है कि पुरानी हवले से किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ं।

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