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जवाब दो, क्यों मर रहे मरीज

कानपुर। कार्यालय संवाददाता।  डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान हुई मरीजों की मौत पर रविवार को कई थानों में तहरीरें दी गईं। पुलिस ने इस पर सख्त कदम उठाते हुए डॉक्टरों को सफीना (नोटिस) जारी किए हैं। नोटिस में हड़ताल के कारण मरीजों की मौत पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि सफीना पर अगर डॉक्टरों का जवाब नहीं मिलता है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - ये हुआ था रविवार को विधायक इरफान सोलंकी के 150-200 समर्थकों ने अलग अलग थानों में डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी थी। उनका आरोप था कि डॉक्टरों की हड़ताल के कारण कई लोगों की मौतें हो चुकी है लिहाजा उनके खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाए। डॉ. आरती लाल और प्रिंसिपल निशाने पर लगभग सभी तहरीरों में आईएमए अध्यक्ष और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. आरती लाल चंदानी कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार का नाम है।

तहरीर में इन दोनों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। सभी तहरीरों पर सफीना जारी एसएसपी यशस्वी यादव ने बताया कि जितने भी थानों में इस तरह की तहरीर दी गई है। वहां से सभी डाक्टरों को सफीना (नोटिस) जारी कर दिए गए हैं। उन्हें थाने पहुंचकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो एक -दो दिन में सभी तहरीरों पर एफआईआर दर्ज कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। यह होता है सफीना धारा 161 सीआरपीसी में थानाध्यक्ष सफीना जारी करता है।

उन्हें यह अधिकार प्राप्त है कि सफीना जारी करने के साथ वह संबंधित आदमी को थाने बुलाकर उसके बयान पहले लेगा उसके बाद जांच के आधार पर तय करेगा कि रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए या नहीं।

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