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सीबीआई तक पहुंची मनरेगा घोटाले की आंच

हरदोई हिन्दुस्तान संवाद।  मनरेगा में हुए घोटालों की जांच कर रही सीबीआई को प्रदेश के एक और जिले में घोटाले की जांच के लिए मनरेगा नगिरानी समिति ने अनुरोध किया है। मनरेगा में की गई वित्तीय गड़बडिम्यों के ‘हिन्दुस्तान’ के खुलासे के बाद अब कांग्रेस मरनेगा नगिरानी समिति ने तथ्यों को उपलब्ध करवाते हुए सीबीआई से मनरेगा घोटाले की जांच करने की सिफारशि की है।

‘हिन्दुस्तान’ ने मनरेगा की प्रशासनिक मद में बड़े पैमाने पर वित्तीय घपलेबाजी का खुलासा करते हुए संविदा कर्मियों के मानदेय न दिए जाने का मामला उठाया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा मानदेय का भुगतान भी शुरू कर दिया गया। कंटीजेंसी से लाखों रूपए के मानदेय भुगतान के बाद भी संविदा कर्मियों का लगभग 70 लाख रुपया मानदेय अटका है। ईएफएमएस से भुगतान के बाद अब उस भुगतान को मिलने में भी समस्या आ रही है। कांग्रेस मनरेगा समिति ने मनरेगा योजना में व्यापक भ्रष्टाचार किए जाने की शिकायत सीबीआई से करते हुए जांच करवाए जाने को लिखा है।

मनरेगा नगिरानी समिति के चेयरमैन राजीव कुमार सिंह ने सीबीआई निदेशक को लिखा है जिले में मनरेगा में आए हुए धन की प्रशासनिक मद का दुरूपयोग बड़े पैमाने पर किया गया है। प्रतबिंधित वस्तुओं की मनरेगा में खरीद कर 550 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है। जिस की सीबीआई जांच करवाई जाए।

 

मनरेगा में कंटीजेंसी से हुई प्रतबिंधित खरीद प्रशासनिक मद से बड़े पैमाने पर कम्पयूटर, प्रिन्टर, कैमरा, फोटो स्टेट मशीनें, फर्नीचर, कूलर, पर्दे, स्टेशनरी, ट्रैक्टर ट्राली ढुलाई, मिटटी ढुलाई, तालाब में जल भरवाई, छटवा, टोकरी, दरियां व चाय नाश्ते पर बड़े पैमाने पर खर्च किया गया।

यही नही अधिकारियों की गाड़ियों में भी मनरेगा का पैसा धुआं बनाकर उड़ाया गया।

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