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अमौसी से मुंशी पुलिया रूट का काम सबसे पहले

लखनऊ वरिष्ठ संवाददाता।  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ मेट्रो रेल की बुनियाद रखने के साथ ही इसे समय पर शुरू कराने को कहा है। मुख्यमंत्री ने तो अफसरों को तीन वर्ष का समय दिया है लेकिन सपा मुखिया ने दिन रात काम करके इसे डेढ़ वर्ष में पूरा करने को कहा है। मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के सकारात्मक रुख से मेट्रो रेल प्रोजेक्ट से जुड़े् अफसरों के हौसले बढ़ गए हैं।

राजधानी में मेट्रो के दो कॉरिडोर बनाए जाने प्रस्तावित हैं लेकिन इसमें से पहले नार्थ साउथ (अमौसी से मुंशीपुलिया) कारिडोर का निर्माण कराया जाएगा। नार्थ साउथ कॉरिडोर पर यातायात का भार सबसे ज्यादा है। मेट्रो के नार्थ साउथ कॉरिडोर पर करीब 6880 करोड़ रुपए खर्च होगा।

----श्रीधरन तय करेंगे आगे की रणनीतिलखनऊ मेट्रो के प्रधान सलाहकार पद्म श्री ई.श्रीधरन इसी सप्ताह लाखनऊ पहुंचेंगे। उनके आने के बाद मेट्रो के निर्माण की आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। मेट्रो का काम टर्न-की पर कराया जाएगा या फिर कन्सल्टेंट के जरिए होगा।

यह उनके आते ही तय हो जाएगा। अगर कन्सल्टेंट के जरिए काम शुरू कराने की बात हुई तो एलएमआरसी इसका टेण्डर तुरन्त करा देगी। टेण्डर डाक्यूमेंट तैयार है।

मेट्रो की उपलब्धियां
--जुलाई 2013 में मेट्रो का डीपीआर तैयार हुआ
--पांच सितम्बर 2013 को केन्द्र सरकार ने मेट्रो एक्ट की अधिसूचना जारी की
--15 नवम्बर 2013 को लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड कम्पनी का गठन हुआ
--मेट्रो का लोगो बना--मेट्रो का जनपथ में कार्यालय शुरू हुआ
--फरवरी 2014 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बजट भाषण में मेट्रो की घोषणा की, 20 करोड़ दिया
--शुरुआती कामों के लिए एलडीए, आवास विकास परिषद, यूपीएसआईडीसी ने बजट दिया 350 करोड़ रुपए की स्वीकृति
--24 फरवरी 2014 को मेट्रो मैन के नाम से विख्यात पदमश्री ई-श्रीधरन ने मेट्रो का प्रधान सलाहकार का पद स्वीकारा
--28 फरवरी को शासन ने मेट्रो के डिपो के निर्माण के लिए 32 वीं वाहिनी पीएस की 52.87 एकड़ जमीन दी
-- राज्य सरकार ने चक गंजरिया में मेट्रो को दी 150 एकड़ जमीन--मार्च 2014 एयरपोर्ट अथारिटी ने मेट्रो के अस्थाई डिपो के लिए अपनी खाली जमीन देने की सहमति दी--मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए कई विदेशी बैंक व कम्पनियां लोन देने को तैयार, जल्दी ही मिलेगा लोन स्वीकृत होने का पत्र--एलएमआरसी कम्पनी के बोर्ड का गठन, मुख्य सचवि एलएमआरसी के चेयरमैन बने
--तीन मार्च 2014 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया मेट्रो डिपो का शिलान्यास

सबसे पहले अमौसी से आलमबाग बस अड्डे तक चलेगी मेट्रो
मेट्रो के नार्थ साउथ (अमौसी से मुंशीपुलिया) रूट पर सबसे पहले काम शुरू होगा।

लेकिन सबसे पहले मेट्रो इस रूट के सात स्टेशनों पर ही चलेगी। सबसे पहले मेट्रो का रूट अमौसी से आलमबाग बस स्टेशन तक बनकर तैयार होगा। इस रूट पर कोई भूमिगत स्टेशन नहीं बनना है। ऐसे में यहां मेट्रो का निर्माण सबसे पहले हो जाएगा। यही वजह है कि इस पर सबसे पहले मेट्रो चलाने की योजना है। इन सात स्टेशनों के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।

मेट्रो के नार्थ साउथ कॉरिडोर पर कुल खर्चनार्थ साउथ कॉरिडोर के निर्माण पर खर्च
-40902 करोड़सभी टैक्स जोड़ने पर नार्थसाउथ कॉरिडोर का खर्च-6880 करोड़

मेट्रो के लिए बनेंगे दो डिपोमेट्रो के लिए राजधानी में दो डिपो बनाए जाएंगे।

नार्थ-साउथ व ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के लिए अलग अलग डिपो होंगे। नार्थ कॉरिडोर का डिपो 32 वीं वाहिनी पीएसी कानपुर की जमीन पर बनाया जाएगा। इस डिपो के निर्माण के लिए शासन ने पीएसी की 52.87 एकड़ जमीन दी है। डिपो के लिए लगभग 13 हेक्टेयर जमीन बेहसा गांव के किसानों व आशाराम आश्रम की और ली जाएगी। सबसे पहले नार्थ साउथ कारिडोर व इसके डिपो का ही निर्माण होगा। इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का डिपो एलडीए की बसंत कुंज योजना में बनाया जाएगा।

हर आठ मिनट पर मिलेगी मेट्रो मेट्रो का निर्माण पूरा होने के बाद यह अमौसी एयरपोर्ट से इन्दिरानगर तक प्रत्येक स्टेशन पर हर आठ मिनट पर मिलेगी। पूरे नार्थ साउथ कॉरिडोर में अमौसी से मुंशी पुलिया तक कुल 22 स्टेशन होंगे। इन्दिरानगर से मुंशीपुलिया के लिए हर 16 मिनट पर मेट्रो मिलेगी। वर्ष 2020 तक मेट्रो सेवा के विस्तार के बाद एयरपोर्ट से इन्दिरानगर तक हर पांच मिनट में मेट्रो मिलने लगेगी। विस्तार के बाद इन्दिरानगर से मुंशीपुलिया के बीच मेट्रो मिलने का समय 16 से घटकर 10 मिनट हो जाएगी।

डीएमआरसी के प्रस्ताव के मुताबिक वर्ष 2025 तक गाड़ी मिलने के समय का अन्तर इसका आधा हो जाएगा।

नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तीन स्टेशन भूमिगत तथा 19 जमीन के ऊपर होंगेमेट्रो के तीन स्टेशन हुसैनगंज, सचविालय तथा हजरतगंज का स्टेशन जमीन के नीचे होंगे। बाकी 19 स्टेशन चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट, अमौसी, ट्रांसपोर्ट नगर, कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टेशन, मवैया, दुर्गापुरी, चारबाग रेलवे स्टेशन, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, विश्वविद्यालय, आईटी कॉलेज, महानगर, बादशाह नगर, लेखराज मार्केट, राम सागर मिश्र नगर, इन्दिरानगर तथा मुंशीपुलिया जमीन के ऊपर (एलीवेटेड) होंगे।


 पहले दौडेगी 13 गाडिम्यां
शुरुआत में मेट्रो के नार्थ साउथ रूट पर कुल 13 मेट्रो गाडिम्यां दौड़ेंगी। इसमें से प्रत्येक गाड़ी में छह-छह डबि्बे होंगे। प्रत्येक गाड़ी में छह-छह डबि्बे यानी कुल 78 डबि्बे होंगे। वर्ष 2020 में 22 गाडिम्यां तथा 2025 में केवल नार्थ-साउथ कॉरीडोर पर 26 गाडिम्यां चलेंगी।

मेट्रो रेल की स्पीडडिजाइन स्पीड
-80 किलोमीटर प्रतिघंटा शिडय़ूल्ड स्पीड नार्थ-साउथ कॉरीडोर
-34 किलोमीटर प्रतिघंटा-
नार्थ-साउथ कॉरीडोर होगा 22.878 किालेमीटर नार्थ-साउथ कॉरीडोर की लम्बाई 22.878 किलोमीटर होगी। इस रूप पर कुल 22 स्टेशन होंगे।

मेट्रो का 2018-2019 का प्रस्तावित किराया

दूरी(किलोमीटर में) किराया (रुपए में) 0-2 12 2-4 15 4-6 18 6-9 23 9-12 25 12-15 28 15-18 29 18-21 32 21-24 34

मेट्रो का ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर एक नजर में

 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में होंगे 12 स्टेशन मेट्रो के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन होंगे। इनमें से सात स्टेशन भूमिगत तथा पांच स्टेशन जमीन के ऊपर होंगे। यह रूट कुल 11.098 किलोमीटर लम्बा होगा।

यह हैं ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से बसंतकुंज) के स्टेशन
चारबाग रेलवे स्टेशन, गौमतबुद्ध मार्ग,अमीनाबाद, पाण्डेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा, नेवाजगंज, ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग तथा बसंतकुंज स्टेशन

ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर पर कुल खर्च

नार्थ साउथ कॉरिडोर के निर्मण पर खर्च
-3653 करोड़ सभी टैक्स जोड़ने पर खर्च-5396 करोड़

फीडर सेवाओं पर खर्च-करीब 100 करोड़

रिंग लाइन की भी है योजना मेट्रो की रिंग लाइन का भी सर्वे कराया जा रहा है।

रिंग लाइन कानपुर रोड़ से एलडीए कालोनी, बंगला बाजार, तेलीबाग, वृन्दावन कालोनी, पीजीआई, आवास विकास की अवध वहिार योजना होते हुए सुलतानपुर रोड सेचक गंजरिया तक जाएगी। मवैया से मिल रोड तथा मुंशीपुलिया से गोमतीनगर लिंक रूट का भी सर्वे कराया जा रहा है। आने वाले कुछ वर्षे में इन रूटों के निर्माण का भी काम शुरू होगा। ।

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