अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केंद्र से पूरी राशि नहीं मिली, परेशानी बढ़ी

बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए लगातार अनुरोध के बावजूद केन्द्र से अबतक पूरी राशि नहीं मिलने के कारण बिहार की परशानी बढ़ गई है। बाढ़ सर पर है और बाढ़ नियंत्रण की 33 योजनाएं जो केन्द्र के सहयोग से पूरी होनी है, केन्द्रीय राशि की ही बाट जोहती रह गई। इस वित्तीय वर्ष में केन्द्र से 314 करोड़ रुपए प्राप्त होने हैं, लेकिन केन्द्र से बागमती के तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 33 करोड़ और कमला नदी के लिए मात्र 13 करोड़ रुपए मिल पाए हैं। अन्य योजनाओं के लिए बिहार को एक पैसा नहीं मिल पाया है। राज्य सरकार केन्द्र से सहयोग के लिए लगातार संपर्क में है। हालांकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि वह अपने खजाने से ही इन योजनाओं को पूरा करने की कोशिश कर रही है।ड्ढr ड्ढr जल संसाधन विभाग से मिली सूचना के अनुसार 11 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत बाढ़ प्रबंधन योजनाओं में बिहार की 33 योजनाएं शामिल हैं जिनकी कुल लागत 2311 करोड़ रुपए है। इनमें 75 फीसदी केन्द्रांश है। यह राशि भी बिहार को अबतक अप्राप्त है। हालांकि इस वर्ष मुख्यमंत्री ने पहली बार जल संसाधन विभाग की समीक्षा की और विभाग की तैयारियों को सराहा भी। विभागीय मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने घोषणा कर दी है कि अगर तटबंध टूटे तो ऊपर के अधिकारी पहले नपेंगे। विभाग द्वारा इस वर्ष 235 स्थलों पर कटाव निरोध कार्य कराए जा रहे हैं। इसके अलावा 30 तटबंधों को ऊंचा करने और मजबूत बनाने की भी योजना है।15 जून की समय सीमा भी विभाग ने तय कर रखी थी। विशेष परिस्थिति में 30 जून तक भी काम होंगे। अलबत्ता पहली जुलाई से सरकार का डंडा तैयार रहेगा। मानवीय भूल के कारण तटबंध टूटा तो फिर कहर अधिकारियों व अभियंताओं पर भी टूटेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: केंद्र से पूरी राशि नहीं मिली, परेशानी बढ़ी