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मुख्यमंत्री ने की जूनियर डाक्टरों से वापसी की अपील

मुख्यमंत्री ने की जूनियर डाक्टरों से वापसी की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कानपुर तथा लखनउ समेत कई जिलों के सरकारी अस्पतालों में हड़ताल कर रहे जूनियर डाक्टरों से काम पर वापस लौटने की अपील करते हुए विश्वास दिलाया कि पिछले दिनों कानपुर में मेडिकल छात्रों से एक सपा विधायक के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस द्वारा मारपीट किये जाने के मामले की पूरी जांच की जाएगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हाल में कानपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डाक्टरों पर हुए हमले और लाठीचार्ज की घटना की सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे उसकी पूरी जांच करें और जिसकी भी गलती हो उस पर कार्रवाई की जाए और जो निर्दोष हैं उन्हें छोड़ दिया जाए।

हड़ताल के कारण अब तक 10 से ज्यादा मरीजों की मौत होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा जान से बड़ी कोई चीज नहीं है। मैं हड़ताल कर रहे जूनियर डाक्टरों से अपील करता हूं कि वे झगड़े को अलग रखकर काम पर लौटें। हम विश्वास दिलाते हैं कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

अखिलेश ने कहा कि कानपुर में हुई घटना के विरोध में लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद में भी जूनियर डाक्टरों का हड़ताल पर चले जाना अच्छी बात नहीं है। गौरतलब है कि गत शनिवार को कानपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डॉक्टरों पर हुए हमले और लाठीचार्ज की घटना से नाराज डाक्टरों द्वारा कानपुर के सपा विधायक इरफान सोलंकी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किए जाने की मांग को लेकर आज प्रदेश के लगभग सभी मेडिकल कालेजों में चिकित्सीय कार्य बाधित रहा। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजधानी के किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में जूनियर डाक्टरों ने आज विरोध स्वरूप बाह्य रोगी विभाग में ताला लगा दिया। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक एस एन शंखवार ने भाषा को बताया कि 28 फरवरी को कानपुर में जूनियर डाक्टरों के साथ हुई घटना के विरोध में आज यहां भी जूनियर डाक्टरों ने चिकित्सा कार्य का बहिष्कार किया।
     
शंखवार ने बताया कि उत्पन्न स्थिति पर विचार करने के लिए आज दोपहर बाद एक बैठक बुलाई गयी है। उत्तर प्रदेश प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डाक्टर ए़ क़े यादव ने कानपुर में जूनियर डाक्टरों के साथ हुई मारपीट और लाठीचार्ज की घटना की कडे शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी जूनियर डॉक्टरों की रिपोर्ट तक नहीं लिखी गयी और ना ही दोषियों के विरूद्व कोई कार्रवाई की गयी।
     
यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि पीएमएस की बैठक आज अपहृन तीन बजे बुलाई गयी है जिसमें उत्पन्न स्थिति पर विचार किया जा रहा है। जूनियर डाक्टर कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव और कानपुर से ही सपा के विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने के साथ साथ गिरफ्तार किए गये 24 जूनियर डाक्टरों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
     
इस बीच, गोरखपुर में इंडियन मेडिकल एसोसियेशन की जिला इकाई के अध्यक्ष डाक्टर वी़ एऩ गुप्ता के आह्वान पर जिले के सभी प्राईवेट नसिंग होम और अस्पतालों के डाक्टरों ने भी कामकाज बंद कर दिया है जिससे जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर हो गयी है।
     
गुप्ता ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाये अन्यथा बहिष्कार अनिश्चितकाल के लिए कर दिया जायेगा।
कानपुर के जूनियर डाक्टरों के समर्थन में इलाहाबाद, वाराणसी तथा अन्य जिलों से डाक्टर अपना विरोध दर्ज करने के लिए लखनऊ पहुंच रहे हैं।

राजधानी के किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में जूनियर डाक्टरों ने आज विरोध स्वरूप बाह्य रोगी विभाग में ताला लगा दिया। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक एस एन शंखवार ने भाषा को बताया कि 28 फरवरी को कानपुर में जूनियर डाक्टरों के साथ हुई घटना के विरोध में आज यहां भी जूनियर डाक्टरों ने चिकित्सा कार्य का बहिष्कार किया।
     
शंखवार ने बताया कि उत्पन्न स्थिति पर विचार करने के लिए आज दोपहर बाद एक बैठक बुलाई गयी है। उत्तर प्रदेश प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डाक्टर ए के यादव ने कानपुर में जूनियर डाक्टरों के साथ हुई मारपीट और लाठीचार्ज की घटना की कडे शब्दों में निन्दा करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी जूनियर डाक्टरों की रिपोर्ट तक नहीं लिखी गयी और ना ही दोषियों के विरूद्व कोई कार्रवाई की गयी।
     
यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि पीएमएस की बैठक आज अपहृन तीन बजे बुलाई गयी है जिसमें उत्पन्न स्थिति पर विचार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जूनियर डॉक्टर कानपुर के एसएसपी यशस्वी यादव और कानपुर से ही सपा के विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने के साथ साथ गिरफ्तार किए गये 24 जूनियर डॉक्टरों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
     
इस बीच, गोरखपुर में इंडियन मेडिकल एसोसियेशन की जिला इकाई के अध्यक्ष डॉक्टर वी़ एऩ गुप्ता के आह्वान पर जिले के सभी प्राईवेट नसिंग होम और अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी कामकाज बंद कर दिया है जिससे जिले में स्थिति ज्यादा गंभीर हो गयी है।
     
गुप्ता ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाये अन्यथा बहिष्कार अनिश्चितकाल के लिए कर दिया जायेगा। कानपुर के जूनियर डाक्टरों के समर्थन में इलाहाबाद, वाराणसी तथा अन्य जिलों से डाक्टर अपना विरोध दर्ज करने के लिए लखनऊ पहुंच रहे हैं।

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