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800 छंटनीग्रस्त पम्प ऑपरटर बहाल होंगे: नीतीश

लघु सिंचाई विभाग के 800 छंटनीग्रस्त पम्प ऑपरटरों को दोबारा बहाल करने पर विचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में विभागीय मंत्री दिनेश प्रसाद को ऑपरटरों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर कोई रास्ता निकालने के निर्देश दिये हैं। सोमवार को लगभग 25 पम्प ऑपरटरों ने जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की। सुपौल से आए लगभग सौ लोगों ने मुख्यमंत्री से उनके द्वारा शिलान्यास की गयी सड़क के घटिया निर्माण की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने आरोपों की जांच के आदेश दिये हैं।ड्ढr ड्ढr पम्प ऑपरटरों का कहना था कि विभाग ने वर्ष 2000 में ही उनकी छंटनी कर दी। पूर राज्य में ऐसे कर्मियों की संख्या लगभग 800 है। हाईकोर्ट ने इस मामले में उनके पक्ष में निर्णय देते हुए सरकार को छंटनीग्रस्त कमियों को दोबारा नौकरी पर रखने का आदेश दिया। कर्मियों का आरोप था कि विभाग हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी कर रहा है। नन्दकिशोर झा के नेतृत्व में आए सुपौल की बलहा पंचायत के लगभग 100 ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत कटैया से दूधा टोला तक घटिया सड़क निर्माण की शिकायत की। सड़क का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने ही किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का प्राक्कलन तैयार करने के लिए दूरी की माप मोटरसाइकिल से की गयी है जबकि वास्तविक लम्बाई कहीं अधिक है। इस मामले में शिकायत करने पर भी डीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की।ड्ढr ड्ढr 30 तक हर हाल में राशि को खर्च करंड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। आत्मा परियोजना के तहत गत वर्ष स्वीकृत योजनाओं के लिए दी गई राशि खर्च नहीं होने पर केन्द्र सरकार ने नाराजगी व्यक्त की है। केन्द्र ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर जून के अंत तक उक्त राशि खर्च नहीं की गई तो चालू वर्ष के लिए दिये जाने वाले पैसे में से उतनी राशि काट ली जायेगी जो गत वर्ष की योजना की थी और खर्च न की जा सकी। यह निर्देश केन्द्रीय कृषि विभाग के अपर सचिव पी के बसु ने वर्ष 2007-2008 की योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिया हैं।ड्ढr ड्ढr केन्द्र के इस कड़े रुख से परशान राज्य सरकार ने सभी जिलों में आत्मा के परियोजना निदेशकों को इस मुतल्लिक निर्देश भेजा है। कृषि सचिव सी के अनिल ने सभी परियोजना निदेशकों को पत्र लिखकर वर्ष 2007-2008 की योजनाओं के लिए प्राप्त राशि को तीस जून तक हर हाल में खर्च कर देने का निर्देश जारी किया है। सचिव ने कहा है कि चालू वर्ष को राज्य सरकार ने कृषि वर्ष घोषित कर रखा है। ऐसे में अगर केन्द्र योजना के लिए दी जाने वाली राशि में कटौती करता है तो वह राज्य सरकार के हित में नहीं होगा। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगर निर्धारित अवधि में उक्त राशि खर्च न हो सकी तो इसके लिए परियोजना निदेशक ही जिम्मेदार होंगे। निर्देश की प्रति राज्य के आत्मा के सभी परियोजना निदेशकों के अलावा आत्मा के अध्यक्षों को भी भेजी गयी है। आत्मा के अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं।

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