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आईआईटी खड़गपुर का फूड पेस्ट

आईआईटी खड़गपुर का फूड पेस्ट

बिन लादेन के घर में खेती
जी हां, बिन लादेन के घर में खेती करने जा रहा है इंडिया। 1990 के दौर में कांधार के तरनक फॉर्म में बिल लादेन का ठिकाना हुआ करता था। अब उसी जगह पर इंडिया की मदद से अफगानिस्तान एक बड़ी एग्रीकल्चर यूनीवर्सिटी खोलने जा रहा है। भारत ने इस प्रोजेक्ट के लिए 8 मिलियन डॉलर की मदद की है। इतना ही नहीं, भारत पहले से ही भारत में एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे 614 छात्रों को स्कॉलरशिप दे रहा है, जो आगे चल कर इसी यूनीवर्सिटी के टीचिंग स्टाफ के रूप में काम करेंगे, अपने ही देश के छात्रों को ट्रेनिंग देंगे। इस यूनीवर्सिटी का नाम रखा गया है- अफगान नेशनल एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी यूनीवर्सिटी। अभी भी अफगानिस्तान की 60 प्रतिशत जीडीपी एग्रीकल्चर से ही आती है, इसलिए ये यूनीवर्सिटी देश की इकोनॉमी में बड़ा रोल अदा करेगी।

ममता की पार्टी के लिए आईआईएम वाले बेताब
ममता बनर्जी की पार्टी के लिए कोलकाता आईआईएम के स्टूडेंट्स काफी बेताब हैं। लेकिन ये न समझें कि वो इसे ज्वॉइन करने के मूड में हैं, बल्कि वे सभी आने वाले लोकसभा चुनाव में टीएमसी के साथ इंटर्नशिप करना चाहते हैं। दरअसल टीएमसी ने लोकसभा इलेक्शंस में आईआईएम के दो स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप की ऑफर दी थी। लेकिन स्टूडेंड्स में इसका इतना क्रेज था कि पूरे 31 स्टूडेंट्स ने इसके लिए एप्लाई कर दिया।

आईआईटी खड़गपुर का फूड पेस्ट
आईआईटी खड़गपुर ने एक बड़ी समस्या का हल ढूंढ़ने में मदद की है। उनकी नई खोज से तमाम ऐसे बच्चों की जान बचाई जा सकेगी, जिनकी जान कुपोषण की वजह से चली जाती है। लाखों बच्चे, जो बच भी जाते हैं, उनकी हेल्थ ठीक नहीं रहती। अब आईआईटी खड़गपुर ने बनाया है एक फूड पेस्ट। इस पेस्ट में तमाम सारे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स तो होंगे ही, प्रोटींस, विटामिंस और मिनरल्स भी होंगे। 6 माह से 6 साल तक के बच्चों के लिए ये काफी मददगार साबित होगा। इस पेस्ट को बिना किसी कूलिंग आदि के 2 साल तक इस्तेमाल किया जा सकेगा।

चुनाव पर वेबसाइट
भारत  के इलेक्शंस की धूम केवल भारत में ही नहीं, दुनिया भर में मौजूद भारतीय युवाओं के बीच भी है। न्यूयॉर्क की कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के 6 स्टूडेंट्स ने भारत के जनरल इलेक्शंस पर एक वेबसाइट बनाई है, जो न केवल भारत में होने वाले 2014 के इलेक्शंस को कवर करेगी, बल्कि उससे जुड़ी दिलचस्प जानकारी भी देगी। इस वेबसाइट का नाम भी इलेक्शंस से जोड़ कर ही रखा गया है। लोकसभा की 545 सीट्स के लिहाज से इस वेबसाइट का नाम रखा गया है www.fivefortyfive.com इसमें मोदी के तमाम भाषणों समेत राहुल गांधी का पहला इंटरव्यू भी डाला गाया है। केजरीवाल क्रांति की तो जानकारी दी ही गई है, साथ ही मोदी, केजरीवाल और राहुल समेत तमाम नेताओं की ड्रेसिंग सेंस पर भी लेख लिखे गए हैं। इसके अलावा अमेरिका के भारतीयों से इस साइट को जोड़ने के लिए वे किसकी सरकार चाहेंगे, जैसे टॉपिक्स पर सर्वे भी करवाए जा रहे हैं। इस साइट को बनाने वाले हैं कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म डिपार्टमेंट के 6 भारतीय स्टूडेंट्स, जिनके नाम हैं देवज्योज, आनंद, ईवा, इंद्राणी, ऋषी और अपर्णा।

खुल ही गया डे केयर
2005 में यूजीसी से डे केयर खोलने के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी में टीचर्स और एम्प्लॉइज के बच्चों के लिए कैम्पस में ही डे केयर सेंटर खोलने के लिए ग्रांट मिली थी, ताकि उस ग्रांट से उस डे केयर सेंटर के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जा सकें। साथ ही निर्देश दिए गए थे कि वो भीड़भाड़, ट्रैफिक और शोरशराबे से दूर किसी जगह बनाया जाए। लेकिन अभी तक वो नॉन फंक्शनिंग ही था। अब 9 साल बाद जाकर जाकर यूनिवर्सिटी को उसकी याद आई और अब वो शुरू हो गया है। इस सुविधा से जिन एम्पलॉइज के बच्चे 3 महीने से लेकर 6 साल तक के हैं, उनको काफी आराम मिलेगा। अब उनके बच्चे उनके आसपास ही होंगे। इतना ही नहीं, यूपी सरकार की मदद से एक ई-सुविधा नाम से एक नई सुविधा भी यूनिवर्सिटी में शुरू की गई है, जिसके जरिए सारे एम्पलॉइज कैम्पस में ही तमाम तरह के बिल ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

खेती के लिए सरकारी प्रोजेक्ट
करजई सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए सिंचाई की सुविधा के साथ 2180 एकड़ जमीन दी है। अब बाकी की जिम्मेदारी उन अफगान स्टूडेंट्स के हवाले है, जो इंडियन डिग्रीज के साथ अपने वतन वापस लौटेंगे।

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