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संरक्षित हैं सैकड़ों स्मारक स्थल

उत्तर प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जहां काफी संख्या में स्मारक स्थल हैं। सरकार द्वारा प्रदेश के सैकड़ों स्मारक स्थलों को संरक्षित करने का काम किया गया है और हाल ही में इनकी सूची जारी की गई है। 

इस सूची में हाथरस में राजा उदय सिंह की कचेहरी के अवशेष एवं सासनी का किला-हाथरस, अलीगढ़ का किला और उससे संबद्ध बाउंड्री-अलीगढ़, तथा आगरा जिले में बटेश्वरनाथ मंदिर, मोहारी ग्राम में स्थित मोहारी का पुराना टीला, टीला जैगारा, तहसील भवन किरावली जिसे अकबर का शिकारगाह कहा जाता है, मऊ जनपद में भीराडीह, इलाहाबाद जिले के कोल्डिहवा का प्राचीन स्थल, महगरा का प्राचीन स्थल, चोपनी मौडू का प्राचीन स्थल शामिल है।

इसी तरह सूची में शामिल है-उन्नाव जिले के हसनमीर टीला/हनुमानगढ़ी, संचान कोट का टीला, ऊगू का पुराना टीला, कानपुर नगर के जाजमऊ का प्राचीन टीला, टिकैतराय का शिवमंदिर, राजा टिकैतराय द्वारा निर्मित बारादारी, वाल्मीकि आश्रम, नाना फड़नवीस से संबद्ध प्राचीन टीला, कानपुर देहात जनपद में स्थित पिसनारिन का मठ मूसानगर टीला भेगनीपुर, जहांगीराबाद का टीला, शुक्ला तालाब, गोण्डा जिले के रूपई ग्राम का रूपई डीह गोपालबाग तथा वजीरगंज बारादरी।

महराजगंज जनपद में बनरसिया कला, बनरसिया खुर्द, गोरखपुर जिले में विष्णु की विशाल प्रतिमा, चडिहार बांसगांव, नरहन बांसगांव, जनपद जौनपुर के शेरजमन खां का मकबरा, पत्थर का शेर, सई नदी का पुल, शाहीपुल, झांसी जनपद के रानी लक्ष्मीबाई मंदिर, बरुआ सागर फोर्ट, फूटा दरवाजे के सामने की जमीन, रानी महल के सामने की जमीन, हाथीखाना, रघुनाथ राव का महल, पीलीभीत जनपद में स्थित गौरीशंकर मंदिर संरक्षित स्मारक स्थल में हैं।

प्रतापगढ़ में सराय नाहरराम प्राचीन स्थल, महदंहा प्राचीन स्थल, फैजाबाद जिले की हवेली अवध, गुतारघाट राजमंदिर, संतकबीर नगर जनपद में स्थित संतकबीर दास की समाधि एवं मजार, कोपिया अथवा अनुप्रिया का प्राचीन स्थल, बिजनौर जिले का कण्व आश्रम, मथुरा जिले का गोपीनाथ मंदिर, सोंख का प्राचीन टीला, गोविन्द नगर का टीला, कंस किला, पोतराकुण्ड, कुसुम वन सरोवर एवं छतरियां, बरसाना की छतरयां, गोवर्धन की छतरियां तथा रसखान की समाधि, जनपद-मिर्जापुर में स्थित चुनार किला, भुईली प्राचीन स्थल सारनाथ मंदिर, सिद्धनाथ की दरी लेखनिया पहाड़, चित्रित शैलाश्रम, मैगालिथिक अवशेष, लेखानिया पहाड़ के चित्रित शैलाश्रम, कोटवा पहाड़ के मैगालिथिक अवशेष भल्दरिया चित्रित शैलाश्रम तथा लेखनिया चित्रित शैलाश्रम है।

जिला सोनभद्र स्थित राक शैलटर्स चित्रित शैलाश्रम पंचमुखी पहाडियों पर चित्रित शैलाश्रम, मुखादरी एवं चित्रित शैलाश्रम शिवमंदिर, जिला मुजफरनगर स्थित बाबा गरीबनाथ का मकबरा, प्राचीन गुम्बद्ध बन्तीखेड़ा, मेरठ जिले में स्थित बालेश्वर नाथ मंदिर, बेगम समरू महल, रायबरेली स्थित ओइडीह, फिरोजाबाद स्थित फिरोजशाह का मकबरा, ललितपुर स्थित राघवेन्द्र सरकार मंदिर (प्राचीन शिव मंदिर) दुर्गा जी का प्राचीन मंदिर, प्राचीन बैठक दो गोण्डवानी मंदिर, प्राचीन मकबरा, प्राचीन मंदिर, शिवमंदिर, गोण्डवानी मंदिर, सोर्ह का मिला प्राचीन मंदिर, मड प्रथम, प्राचीन मंदिर-द्वितीय राम मंदिर, बावली मंदिर तथा कुण्ड हटवारा मंदिर, बालाबेहट का किला, रणछोर मंदिर, प्राचीन मंदिर भौंता, प्राचीन सुमेरगढ़ मंदिर लक्ष्मण गढ़ मंदिर, मंदिर अधिष्ठान के मंदिर आदि के अवशेष, जैनमंदिर, रामजानकी मंदिर, शिवमंदिर, दिगम्बर जैन मंदिर नवग्रह मंदिर खीरी लखीमपुर जिले में स्थित मेढ़क शिवमंदिर।

हरदोई जनपद में नरपतसिंह की गढ़ी, गेगलापुर का प्राचीन टीला, शाहाबाद का टीला, महोबा जिले के शांतिनाथ मंदिर, योगिनी माता मंदिर, सूपागढ़ी, ड्योढ़ी दरवाजा, प्राचीन मंदिर इमिलिया सहारनपुर जिले का सहसपाल का किला एवं टीला, सुल्तानपुर जिले में स्थित इटिहवा, ठाकुरबाबा मंदिर, महाबीरन, टीला और मंदिर, चंदौली जिले में स्थित पुराना मंदिर, सीतापुर जनपद में स्थित मनवाडीह टीला, हुसेनियाडीह, कोटटीला, मसानदेवी का मंदिर और टीला, गढ़ी कल्पादेवी और आस्तिक बाबा का मंदिर तथा आस्तिक बाबा का टीला संरक्षित किया गया है।

जनपद वाराणसी स्थित बत्तीस खंभा, बकरियाकुंड, बत्तीस खंभा वाराणसी सिटी स्टेशन का मालगोदाम अलुईपुर लहरतारा तालाब कर्दमेश्वर महादेव मंदिर गुरुधाम मंदिर तथा लखनऊ शहर एवं जनपद में स्थित स्मारक क्रमश: आलमबाग भवन एवं मुख्य प्रवेश द्वार, लाल बारादरी, बड़ी छत्तर मंजिल, फरहत बख्श कोठी, रोशन उद्दौला कोठी, हुलास खेड़ा किला, दहियार का टीला, दादूपुर का टीला, नटवाडीह चतुर्भुज बाबादेव स्थान, मंढक महारानी देव स्थान, देवरा ठाकुर मंदिर स्थान तथा जानकी चरण बाबा/घोयी महारानी देव स्थान संरक्षित स्मारक स्थल है।

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