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गार्डवाल, दो कुआं कागज पर बनाया

गार्डवाल और दो कुएं की योजनाओं को कागज पर ही पूर्ण दिखा कर पैसे निकाल लिये गये हैं। यह हुआ है गुमला के घाघरा प्रखंड अंतर्गत बदरी पंचायत के पनवारी गांव में। उक्त तीनों योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2006-07 में नरेगा के तहत प्रखंड कार्यालय से स्वीकृति दी गयी थी। सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक तीनों योजना को पूर्ण कर उसकी फाइल बंद की जाचुकी है।ड्ढr सोशल ऑडिट में हुआ खुलासा: अब चलिये पनवारी गांव। यहां गार्डवाल लापता है। कुआं भी गायब है। इसका खुलासा तब हुआ जब ग्राम सशक्तीकरण एवं विकास संस्थान वहां सोशल ऑडिट करने पहुंची। संस्थान ने इस आशय की रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी है।ड्ढr जांच कर कार्रवाई होगी: घाघरा बीडीओ संजय पीएम कुाूर का कहना है कि अनियमितता की जांच कर कार्रवाई होगी। वे खुद मामले की जांच करंगे। वहीं नरगा से पक्के गार्डवाल निर्माण पर उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रखंडों में बारिश से कटाव और फ्लड जसी स्थितियों से बचने के लिए पक्के निर्माण की स्वीकृति दी गयी है।ड्ढr दो इंजीनियरों की थी जवाबदेही: पता चला है वित्तीय वर्ष 2006-07 में योजना संख्या 1860-07 द्वारा पनवारी गांव के कर्बला पथ में गार्डवाल निर्माण की हाार की योजना को स्वीकृति दी गयी। खर्च दिखा योजना को पूर्ण बताया गया। जबकि गार्डवाल बना ही नहीं। योजना की देखरख की जिम्मेवारी जेई बनारसी सिंह व असिस्टेंट इंजीनियर सरफराज अहमद की थी।ड्ढr कुछ पता नहीं लाभुकों को: इसी तरह योजना संख्या 6706-07 द्वारा देवनंद उरांव और योजना संख्या 6806-07 द्वारा सोमरा उरांव के खेत में कुआं निर्माण की स्वीकृति मिली थी। जिसकी प्राक्िकलत राशि 45 हाार 00 रुपये थी। दोनों ही लाभुकों के खेत में न तो कुंआ खोदा गया और न ही उन्हें प्रखंड कार्यालय से कुंआ मिलने की जानकारी है। दोनों लाभुकों के फर्ाी अंगूठा का निशान लगा और हस्ताक्षर कर राशि निकाल ली गयी। पनवारी का पंचायत सेवक रामचंद्र साहू भी इस विषय में कुछ नहीं जानता।

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