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नहीं मिलेगा 150 लाभुकों को जमीन व फ्लैट

रांची। शाहीन अहमद। लॉटरी के माध्यम से चयनित 150 लाभुकों को जमीन व फ्लैट नहीं दी जाएगी। क्योंकि लॉटरी निकालते समय नियमों की अनदेखी की गई है। महाधिवक्ता एवं जांच कमेटी की रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया गया है। इस आधार पर उनकी फाइल में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। उक्त बातें आवास मंत्री योगेंद्र साव ने कही। रविवार को उन्होंने कहा कि लाभुकों ने जमीन व फ्लैट के लिए विभाग में राशि जमा की है।

अगर यह राशि उन्हें चाहिए तो वह लिखित रूप से विभाग को दें, नशि्चित रूप से उनकी राशि वापस की जाएगी। मंत्री ने कहा कि लॉटरी की फाइल में काफी गड़बड़ी है। इस वजह से लॉटरी में चयनित लाभुकों को जमीन व फ्लैट मुहैया नहीं कराया जा सका है। मुख्यमंत्री के पास भी यह फाइल भेजी गई थी, परन्तु उन्होंने भी फाइल को लौटा दिया।

क्या है मामलाः अगस्त 2011 में आवास बोर्ड ने रांची के विभिन्न इलाकों के लिए भूमि व फ्लैट के लिए लॉटरी निकाली थी।

हरमू इलाके के लिए निकाली गई लॉटरी की प्रक्रिया पर कुछ आवेदकों ने प्रश्न चिन्ह लगाते हुए बोर्ड पर अपने लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया गया। समिति ने गत दिनों अपनी रिपोर्ट आवास विभाग के सचवि को सौंप दी। रिपोर्ट स्पष्ट नहींे2012 में रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि लॉटरी के लिए रखे गए दो डबि्बे में एक में आवेदकों के नाम दूसरे में उपलब्ध प्लॉटों की पर्ची रखी गई थी।

लॉटरी निकालते समय लगातार आवेदक हल्ला करते रहे कि जितने आवेदक हैं भूमि के लिए उतनी पर्ची डाली जाए, जिसमें से कुछ पर कोई भूमि नहीं होना चाहिए। जिससे एक पर्ची और एक नाम साथ-साथ निकाला जाए। ऐसी व्यवस्था पहले की लॉटरी में थी। अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

हालांकि समिति ने किसी भी तरह का निष्कर्ष नहीं निकाला और न ही लॉटरी रद्द करने की अनुसंशा की। उनकी रिपोर्ट अस्पष्ट है। आवंटन रद्द करने का प्रस्ताव 2013 में आवास विभाग के तत्कालीन सचवि नितिन मदन कुलकर्णी ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवंटन रद्द करने का प्रस्ताव विभागीय मंत्री के पास भेजा था।

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