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रात में सड़क पर आवारा कुत्तों का खौफ

पटना। राजधानी के विभिन्न चौक-चाराहों पर रात में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। सड़क पर झुंड में खड़े कुत्ते रात में गुजरने वालों के लिए डर का कारण बनते जा रहे हैं। देर रात में कई लोग इन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं, तो कई इनके कारण गिरकर घायल हो रहे हैं।

शुक्रवार को गर्दनीबाग के रोड नंबर 17 के निवासी एसएम अफजल अहमद इन कुत्तों के कारण बाइक से गिरकर घायल हो गए। बीमा कंपनी में काम करने वाले अफजल अहमद ने बताया कि वे रात के साढेम् 11 बजे घर की ओर लौट रहे थे।

तभी गर्दनीबाग थाना के आगे एकाएक पांच-छह कुत्ते उनकी ओर झपटे। इससे उनकी गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। शहर के करबिगहिया, चिरैयाटांड़ पुल के नीचे, राजेंद्र नगर पुल के आसपास, गोलचक्कर से किदवईपुरी जाने वाली सड़क पर, एजी कॉलोनी, कंकड़बाग केंद्रीय विद्यालय के पास और कई अन्य स्थानों पर कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं।

इनमें से कई स्थान ऐसे हें जहां मांस-मछली की दुकानें हैं या पास ही कहीं निगम का कचरा बॉक्स है। निगम के पास नहीं है रोकने का उपायपटना नगर निगम के पास इन आवारा कुत्तों को रोकने का अभी कोई उपाय नहीं है। निगम के पास दो डॉग शूटर हैं, पर कुत्तों को मारने की इजाजत नहीं है, इसलिए ये बेरोजगार हो गए हैं। आवारा कुत्तों की संख्या को कैसे कम किया जाए, निगम के पास ऐसी कोई योजना भी नहीं है।

शहर के अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार केवल वर्ष 2013 में पटना के 10 हजार लोगों को कुत्तों ने काटा था। उपायों पर बोले अधिकारी कुत्तों की संख्या को नसबंदी कार्यक्रम के द्वारा कम किया जा सकता है। कई शहरों में इस तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। आवारा कुत्तों की धर-पकड़ के लिए इंतजाम करना होगा। - डॉ. एसके सिन्हा, चिकित्सा अधिकारी,

नगर निगम योजना बनी थी पर फेल हो गया : मेयर

कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए निगम द्वारा टेंडर भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया। इनकी संख्या कैसे रोकी जाए इस मुद्दे पर जल्द ही योजना बनाई जाएगी। - अफजल इमाम, मेयर।

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