DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मनरेगा: ग्राम पंचायतों ने नहीं लौटाई चार करोड़ की धनराशि

बांदा। हिन्दुस्तान संवाद। मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों को विगत माह बजट उपलब्ध कराया गया था। लेकिन ग्राम पंचायतों की उदासीनता से जनपद की कई ग्रामों ने विकास कार्य नहीं कराए गए साथ ही मजदूरों का भुगतान भी नहीं किया गया। जिस पर शासन ने जिन ग्राम पंचायतों बजट उपलब्ध था। उनसे जनवरी माह में अवशेष धनराशि वापस किए जाने के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी ग्राम पंचायतों ने अवशेष धनराशि को वापस नहीं किया है। मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरतने के लिए शासन ने उलट फेर किया है। इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए ग्राम पंचायतों के जाबकार्ड धारकों को भुगतान किया जाना है। साथ ही जो विकास कार्य कराए जाएंगे उसके लिए ग्राम पंचायतों के खातों में बजट भेजा जाएगा। जो सात दिनों के अन्दर धनराशि को निकालकर विकास कार्य के लिए खर्च दर्शाना होगा।

बता दें कि ईएफएमएस को लागू करने पर जिन ग्राम पंचायतों में अवशेष धनराशि थी उनके शीघ्र ही विभाग के खाते में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। जनपद के ग्राम पंचायतों में करीब चार करोड़ की धनराशि अवशेश थी। लेकिन ग्राम पंचायतों की उदसीनता के चलते अभी तक डेढ़ करोड़ की धनराशि ही वापस की गई है। जबकि शासन की मंशा थी कि जनवरी माह में ही ग्राम पंचायतें अवशेष धनराशि को वापस कर दें। जिससे ईएफएमएस के जरिए मजदूरों और विकास कार्य के लिए बजट भेजा जा सके।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मनरेगा विभाग के उपायुक्त गिरीश कुमार पाठक ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में अवशेष धनराशि है उनके जल्द से जल्द जमा कराने के निर्देश दिए गए है। यदि ग्राम पंचायते धनराशि को वापस नहीं करती तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मनरेगा: ग्राम पंचायतों ने नहीं लौटाई चार करोड़ की धनराशि