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चिकित्सा मित्र घोषित करने की मांग

लखनऊ। अपंजीकृत चिकित्सकों को अनुभव के आधार पर बिना वेतन व नौकरी के चिकित्सा मित्र घोषित कर प्राथमिक उपचार का अधिकार देने की मांग रविवार को वशि्वेश्वरैया सभागार में इंडियन रूरल मेडिकोज सोसायटी (आईआरएमसी) के चौथे वार्षिक अधिवेशन में की गई।

आईआरएमसी के चेयरमैन डॉ. ओपी मिश्रा ने ‘झोलाछाप’ पुस्तक का विमोचन किया। अंत में मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित सात सूत्री मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री आवास जाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को सौंपा गया।

अधिवेशन के दौरान डॉ. ओपी मिश्रा ने एक्ट में संशोधन कर अनुभव के आधार पर प्रदेश भर के अपंजीकृत 17 से 18 लाख कथित झोलाछाप डॉक्टरों को प्राथमिक उपचार का अधिकार देने की मांग की।

उन्होंने झोलाछाप डॉक्टर जैसे अपमानजनक संबोधन को समाप्त कर चिकित्सा मित्र घोषित करने की मांग की। महासचवि आशीष मिश्रा ने जिले कि स्वास्थ्य समितियों में आईआरएमसी के एक सदस्य को समायोजित करने की मांग की। इस दौरान अरविंद मिश्रा, योगेश जायसवाल, ओमदीन, संदीप बरनवाल, आरएस यादव मौजूद थे। नसिं।

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