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शादियों में डीजे और ढोल से बोर्ड परीक्षार्थी तंग

पलवल। इन दिनों पढ़ाई और शादियों का सीजन एक साथ होने से छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां एक ओर सीबीएसई बोर्ड के पेपर चल रहे हैं तो वहीं हरियाणा बोर्ड के पेपर भी सिर पर हैं। बच्चों पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं, तो दूसरी ओर शादी-विवाह के सीजन में लोग खूब डीजे और ढोल बजा रहे हैं।

इससे छात्रों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। हालांकि डीसी ने डीजे को ऊंची आवाज में बजाने पर प्रतबिंध लगाया है, लेकिन हैरत की बात यह है कि इस ओर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहा है। छात्रों का कहना है कि विवाह-शादियों में यह सब तो चलता है, लेकिन इसके लिए समय निर्धारित होना चाहिए। उनको यह भी डर है कि प्रशासन ने अगर देर रात तक बजने वाले डीजे को बंद नहीं कराया तो उनकी साल भर की मेहतन पर पानी फिर जाएगा।

इसके अलावा मरीजों को भी डीजे की तेज आवाज से काफी परेशानी होती है। इस बारे में छात्रों और शिक्षिकाओं के साथ समाजसेवियों को भी परहेज है। निकिता सरदाना : दिल्ली पब्लिक स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा निकिता का कहना है कि रात को ही एकांतवास में रिवीजन करने का समय होता है और तभी ऊंची आवाज में कई कई डीजे एक साथ बजते हैं। इस कारण मैं काफी डिस्टर्ब होती हूं। वहीं एक अन्य छात्रा प्रियंका का भी कहना है कि रात नौ बजे के बाद डीजे बिल्कुल बंद होना चाहिए, जिससे उन्हें बोर्ड के पेपर की तैयारी करने में दिक्कत न आए।

मीनाक्षी राघव :- असावटा स्कूल की प्राध्यापिका मीनाक्षी राघव का कहना है कि हर वर्ष बोर्ड के पेपर के वक्त डीजे बजने से छात्रों को परेशानी होती है। रात में डीजे बजने का समय प्रत्येक वर्ष बढ़ता ही जा रहा है। कई बार तो शादी व पार्टियों में रातभर डीजे बजता है, जिससे छात्रों के साथ अन्य लोगों को भी परेशानी होती है। अल्पना मित्तल : वैश्य अग्रवाल सभा महिला सेल की प्रधान व समाजसेवी अल्पना मित्तल का कहना है कि रात के डीजे बजने पर बिल्कुल रोक लगनी चाहिए।

वे तो कई बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती। पास पड़ोस में पढ़ने वाले छात्र मन मसोसकर रह जाते हैं। शिक्षा अधिकारी : खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. रमेशचंद शर्मा का कहना है कि परीक्षा का समय छात्रों के लिए बहुत की नाजुक समय होता है। इस वक्त उनका एक-एक मिनट कीमती होता है। ऐसे में शोर शराबा से उन्हें काफी नुकसान हो सकता है, इसलिए देररात के डीजे आदि पर रोक लगनी चाहिए।

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  • Web Title:शादियों में डीजे और ढोल से बोर्ड परीक्षार्थी तंग