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जाटों को आरक्षण, सीमांध्र को विशेष राज्य का दर्जा मिला

केंद्रीय मंत्रिमंडल की रविवार को हुई मैराथन बैठक में भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबित पांच विधेयकों पर अध्यादेश लाने की सहमति नहीं बन पाई। हालांकि कैबिनेट ने जाटों को अन्य पिछड़ा वर्ग की केंद्रीय सूची में शामिल कर केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके अलावा सीमांध्र को पांच साल के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून में  संशोधनों को मंजूरी दे दी है।

ढाई घंटे चली बैठक: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में ढाई घंटे चली बैठक में अध्यादेश लाने को लेकर ठोस सहमति नहीं बन सकी। हालांकि इसके कानूनी पहलुओं को लेकर केंद्र सरकार के आला मंत्री और कांग्रेस के रणनीतिकार दिन भर सक्रिय रहे।

अध्यादेश लाने की आखिरी कोशिश नाकाम: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ पांच अध्यादेश लाने का ऐलान किया था। सरकार के  सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक अध्यादेश लाने की यह आखिरी थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सोमवार को बिमस्टेक की बैठक में भाग लेने म्यांमार जा रहे हैं जहां से वह छह मार्च तक लौटेंगे। इस बीच चुनावों की घोषणा हो सकती है।

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