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नेता नहीं, गरीबों के मन की बनाएंगे नीतियां: राहुल गांधी

वाराणसी। मुसंकांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर रिक्शा व ऑटो चालकों की चौपाल लगाई। उनकी रोजमर्रा की दुश्वारियों को समझा। जरूरतें जानीं। चौपाल के औचित्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि गरीबों के पैरों तले फर्श मिले, इसलिए आपके बीच आया हूं। ‘फर्श’ से उनका आशय केन्द्र सरकार की लाभकारी योजनाओं से था। कांग्रेस के भावी रुख का संकेत भी दिया-‘हम नेताओं नहीं, गरीबों के मन के मुताबिक नीतियां बनाएंगे। चुनाव घोषणापत्र भी उसी तरह तैयार करेंगे।

’ चौपाल के बाद उन्होंने वशि्वनाथ मंदिर में विधवित दर्शन-पूजन भी किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में शुक्रवार देर रात से हो रहे परविर्तनों और विलंब के बीच राहुल गांधी दोपहर 12.35 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। सर्कुलेटिंग एरिया में1 घंटा 10 मिनट की चौपाल के दौरान उन्होंने चालकों से सुना अधिक, बोले कम। सुनने के पीछे यह जानने की कोशशि दिखी कि केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों को मिल रहा है या नहीं। चौपाल के लिए बुलाए गए थे लगभग 400 चालक मगर राहुल के कार्यक्रम में फेरबदल के चलते संख्या प्रभावित हो गई।

पहले चौपाल 2 बजे से शुरू होनी थी, लग गई लगभग दो घंटे पहले। राष्ट्रीय नेता ने नब्ज पर हाथ रखी-‘एक बार मुझे एक गरीब महिला मिली थी। उसने मुझसे कहा कि गरीबों के पैरों के नीचे कोई जमीन नहीं होती। वे इसीलिए दबाए जाते हैं। तभी से मैं परेशान, गरीब लोगों के पैरों तले फर्श बनवाने की कोशशि कर रहा हूं। आपकी मजबूरी का मतलब समझने आया हूं। ’ इसके बाद चालकों का दर्द छलक पड़ा। कुछ तो रो पड़े।

शुरुआत रिक्शा चालक गौरीशंकर प्रजापति ने की-‘गरीबों की कोई नहीं सुनता। सब बड़े लोगों की सुनते हैं। सड़कों पर पुलिस परेशान करती है। कहीं जगह नहीं जहां रिक्शे खड़े किए जा सकें। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता। बैंक वाले लोन के लिए परेशान करते हैं। ’ कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पूछा कि कितने लोगों ने बैंकों से लोन लेकर रिक्शा या ऑटो लिया है। कई हाथ उठे। उनमें लोहता के ऑटो चालक प्रभुनारायण ने दर्द बयां किया कि बैंक से लोन लेने में दलाल, सड़क पर गाड़ी चलाने में आरटीओ व पुलिस से किस तरह की अड़चनें आती हैं।

उसने कहा कि एक ऑटो चालक को ट्रक चालक के बराबर ही जुर्माना देना पड़ता है। इस अंतर को खत्म कराइए साहब। एक चालक से राहुल ने पूछा-आपको रिक्शा चलाने में परेशानी कब होती है? जवाब था-‘साहब, बरसात में। पानी बरसता हेै। सड़कें खराब रहती हैं। भीगने पर बीमार भी हो जाते हैं। ’ उन्होंने इच्छा जताई कि आपका दर्द अच्छी तरह समझ सकूं, इसलिए कभी पूरे दिन रिक्शा चलाना चाहता हूं। । चौपाल में ब्याजमुक्त ऋण पर बैंकों से रिक्शा व ऑटो के फाइनेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, बीपीएल व अंत्योदय कार्ड, आवास सुविधाओं की मांग उठी तो शहर में खराब सड़कों, पुलिस उत्पीड़न एवं रिक्शों के लिए कहीं पार्किंग न होने का भी मुद्दा उठा।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना आदि की चर्चा करते हुए कहा कि इन योजनाओं का केरल, आंध्र व कर्नाटक जैसे राज्यों में लोगों को खूब लाभ मिल रहा है। इन्हें लेकर परेशानी यूपी और बिहार में ही अधिक है। उन्होंने प्रदेश सरकार को भी निशाने पर लिया- ‘इस प्रदेश में सड़कें नेताओं और ठेकेदारों के धनी होने के लिए बनती हैं। ’ उन्होंने साथ खड़े केन्द्रीय श्रम मंत्री आस्कर फर्नाण्डीज से कहा-‘आस्कर जी, आप कुछ ऐसा करें जिससे योजनाओं का सीधा लाभ इन जरूरतमंदों तक पहुंचे।

‘ चौपाल में रिक्शा व ऑटो मुफ्त दिलाने की मांग पर राहुल गांधी ने कहा-‘आप के सामने विकल्प होते हैं। आप औरों की भी सुनते हैं। लोग आपको भूल जाते हैं। लेकिन मैं सीधा कहूं, दूसरे नेताओं की तरह झूठ नहीं बोलूंगा। रिक्शा या ऑटो मुफ्त नहीं दिला सकता। आपके पैरों तले फर्श बने, इसकी कोशशि जरूर करूंगा। भइया, आपके बिना शहर नहीं चल सकता। व्यापार नहीं हो सकता। चाहता हूं कि आपको वही इज्जत मिले जो बड़ी गाडिम्यां चलाने वालों को मिलती हैं।

इसी कोशशि के लिए आपके बीच आया हूं। अब तक नेताओं के कहने से नीतियां बनती रहीं हैं। अब आपकी जरूरतों के मुताबिक नीतियां बनेंगी। घोषणापत्र तैयार होगा। ’ चौपाल में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचवि मधुसूदन मिस्त्री ने संचालक की भूमिका निभाते हुए कहा कि आज कांग्रेस गरीबों के बीच आई है। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री, उपाध्यक्ष राजेशपति त्रिपाठी, विधायक अजय राय, डॉ. सतीश राय, छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह आदि भी मौजूद रहे।

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