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रेबेका ने माना, सद्दाम की खबर के लिए दिए पैसे

रेबेका ने माना, सद्दाम की खबर के लिए दिए पैसे

ब्रिटेन में रूपर्ट मर्डोक के अखबारी साम्राज्य की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेबेका ब्रूक्स ने माना है कि उन्होंने इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन से जुड़ी एक खबर के लिए एक ब्रिटिश अधिकारी को पैसे दिए थे।

ब्रूक्स ने 1998 में सद्दाम हुसैन से जुड़ा एक खुलासा किया था कि वह ब्रिटेन में एंथ्रेक्स नाम के जहर से हमला करने वाला है। सन अखबार और अब बंद कर दिए गए टैबलॉयड न्यूज ऑफ दि वर्ल्ड की पूर्व संपादक 45 साल की ब्रूक्स ने लंदन में फोन-हैकिंग के आरोपों में खुद पर चल रहे मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों को बताया कि उन खबरों के लिए भुगतान किया था, जिसमें इराक के पूर्व तानाशाह ने धमकी दी थी कि वह ब्रिटेन पर एंथ्रेक्स से हमला करेगा।

ब्रूक्स ने यह भी माना कि एमआई-5 और एमआई-6 ने उनसे अनुरोध किया था कि वह इस खबर को न छापें पर उन्होंने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। ओल्ड बेली अदालत में छठे दिन पेश हुई ब्रूक्स ने कहा कि निश्चित तौर पर किसी लोक अधिकारी ने सन के दफ्तर में फोन करके बताया कि खुफिया सेवा सद्दाम हुसैन द्वारा ब्रिटेन पर एंथ्रेक्स से हमले की साजिश पर पर्दा डाल रही है।

ब्रूक्स ने कहा कि खबर की पुष्टि के क्रम में सुरक्षा सेवाओं को सन की जांच के प्रति सतर्क कर दिया था और उन्हें डाउनिंग स्ट्रीट स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में तलब किया गया था। उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि वहां एमआई-5, एमआई-6, जीसीएचक्यू, डाउनिंग स्ट्रीट के प्रतिनिधि और कुछ वकील थे जो निश्चित तौर पर कुछ पक्षों की नुमाइंदगी कर रहे होंगे। सबसे पहले, बैठक में इस बात की पुष्टि पर जोर दिया गया था कि लोक अधिकारी ने जो सूचना दी क्या वह सच है।

उस वक्त सन अखबार की उप-संपादक रहीं ब्रूक्स ही अखबार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं क्योंकि संपादक कहीं बाहर गए थे। ब्रूक्स से कहा गया कि वह खबर न छापें पर उन्होंने जनहित में खबर छापी और खबर का शीर्षक दिया, सद्दाम एंथ्रेक्स इन ऑवर ड्यूटी फ्रीज।

एक अंदरूनी जांच के बाद खबर के सूत्र की पहचान हो गयी। वह एक चीफ पेटी ऑफिसर था। उस पर बाद में मुकदमा चलाया गया।

 

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