DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पाकिस्तान के खिलाफ होगी टीम इंडिया की असल चुनौती

पाकिस्तान के खिलाफ होगी टीम इंडिया की असल चुनौती

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला हर मुकाबला करोड़ो लोगों और दोनों मुल्कों के लिए हमेशा से ही बेहद खास रहा है और इस समय कमजोर दौर से गुजर रही टीम इंडिया जब रविवार को इस हाईवोल्टेज मुकाबले के लिए यहां अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी टीम के सामने खड़ी होगी तो दबाव और उम्मीदों के सामने उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
        
एशिया कप में भारत भले ही पांच बार चैंपियन रहा हो लेकिन इस समय वह बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। पिछला मैच श्रीलंका से हारने के बाद टीम की स्थिति और भी कमजोर दिखाई दे रही है। अंकतालिका पर नजर डालें तो भारत जहां दो मैचों में एक जीत और एक हार के साथ चार अंक लेकर तीसरे नंबर पर है तो पाकिस्तान दो मैचो में पांच अंक लेकर दूसरे नंबर पर है। 
       
युवा बल्लेबाज विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने सिर्फ बांग्लादेश को ही हराया है जबकि श्रीलंका जैसी मजबूत टीम के सामने उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही नहीं ठहर सकी। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान के लिए भी उतने ही अहम इस मुकाबले में यदि विपक्षी टीम ने धमाकेदार प्रदर्शन किया तो भारतीय टीम का क्या हाल हो सकता है। 
        
भारतीय खिलाड़ियों की इस समय सबसे बड़ी कमजोरी निरंतर प्रदर्शन न कर पाना है। टीम के बल्लेबाज रोहित शर्मा, शिखर धवन, अजिंकया रहाणे, अंबाती रायुडू, दिनेश कार्तिक, ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, स्टुअर्ट बिन्नी किसी ने भी पिछले दोनों मैचों में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं किया है।
        
शिखर जहां एक मैच में अच्छा करते हैं तो दूसरे में कम स्कोर पर लुढ़क जाते हैं। वहीं रोहित तो टीम की एक कमजोर कड़ी बन चुके हैं जिन्होंने पिछले लंबे समय से ही अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। रोहित ने एशिया कप में बंगलादेश के खिलाफ भारत के पहले मैच में 21 रन बनाए तो श्रीलंका के खिलाफ वह 13 रन पर चलते बने। टीम की अहम ओपनिंग जोड़ी होने के नाते रोहित और शिखर के लिए टीम को बेहतर शुरुआत देने की चुनौती है लेकिन वे इस पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं।
       
शिखर ने पिछले मैच में जरूर 94 रनों की सर्वाधिक पारी खेली थी लेकिन उनके पिछले रिकॉर्ड को देखकर कहा नहीं जा सकता है कि वह पाकिस्तान के खिलाफ भी ऐसे ही प्रदर्शन को जारी रख पायेंगे या नहीं। महेंद्र सिंह धौनी की अनुपस्थिति में कप्तानी कर रहे विराट के लिए टीम को एकजुट कर अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के साथ खुद भी कसौटी पर खरा उतरना बड़ी चुनौती है।
      
विराट ने बंगलादेश के खिलाफ 136 रनों की शतकीय पारी खेली थी जबकि श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने दूसरा सर्वाधिक 48 रनों का स्कोर खड़ा किया। लेकिन विराट अकेले दम पर पाकिस्तान जैसी टीम के खिलाफ मैच नहीं जीता सकते हैं। बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अभी तक दो मैचों में 73 और 22 रन, अंबाती रायुडू ने नाबाद 9 और 18 रन जबकि दिनेश कार्तिक ने नाबाद 2 और 4 रन की पारियों खेली हैं जबकि टीम में शामिल किये गए गैर अनुभवी स्टुअर्ट बिन्नी श्रीलंका के खिलाफ शून्य पर आउट हो गए।  
       
टीम का मध्यक्रम उसके बल्लेबाजी की रीढ होता है लेकिन आईपीएल में सर्वाधिक कीमत पाने वाले कार्तिक, ऑलराउंडर जडेजा, बिन्नी, रविचंद्रन अश्विन के प्रदर्शन को देखकर नहीं लगता है कि वह अपना काम कर पा रहे हैं और टीम को मुसीबत से निकाल पायेंगे।

एशिया कप में कह सकते हैं कि यह पहला मौका है जब भारत की स्थिति पाकिस्तान से भी कमजोर है। टूर्नामेंट के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो सर्वाधिक रन बनाने के मामले में रिटायर हो चुके सचिन तेंदुलकर तीसरे नंबर पर आते हैं जबकि भारत के विराट कोहली 2010-2014 में 608 रनों के साथ सातवें नंबर पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में 11वें 12वें और 13वें नंबर पर क्रमश गौतम गंभीर, धौनी और सुरेश रैना हैं जो इस बार टीम का ही हिस्सा नहीं है। 
       
साफ है कि टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों पर दबाव और भी बढ़ गया है। लेकिन जरूरी है कि टीम इस दबाव से बाहर निकलकर मजबूत रणनीति और संयुक्त प्रयास के साथ पाकिस्तान को फतह कर सके। लेकिन इसके लिए ओवरऑल प्रदर्शन करना जरूरी है जबकि इस समय तो गेंदबाजों का हाल ही बल्लेबाजों की ही तरह है।
        
पिछले लंबे समय से निरंतर प्रदर्शन कर रहे मोहम्मद शमी पर हाईवोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तानी बल्लेबाजों को काबू करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। शमी ने अभी तक दोनों मैच में क्रमश चार और तीन विकेट लिए हैं जबकि अश्विन ने कुल तीन, जडेजा ने तीन और भुवनेश्वर ने केवल एक ही विकेट निकाला है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर गेंदबाजी की कमजोर कड़ी साबित हो रहे हैं और निरंतर उनके प्रदर्शन में भी गिरावट देखी जा रही है। 
हाल ही में पूर्व गेंदबाज मनिंदर सिंह ने कहा है कि अश्विन अपना स्वभाविक प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं और यही उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को खतरनाक दिशा में ले जा रहा है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए कम रन लुटाकर बल्लेबाजों को रोकना और विकेट निकालना बेहद जरूरी है।

दुनिया की सबसे मजबूत टीम मानी जाने वाली भारतीय टीम का क्षेत्ररक्षण भी उसकी हार की वजह बन रहा है। खिलाड़ी मैदान पर गेंद लपकते हुए भिड़ रहे हैं तो अहम कैंच छोड़कर वह विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को लगातार जीवन प्रदान कर अपने लिए ही मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। 
       
श्रीलंका के खिलाफ गेंद लपकते हुए रहाणे और धवन जिस तरह से आपस में टकराये वह न सिर्फ हादसे में बदल सकता था बल्कि इससे टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव और खिलाड़ियों की कमजोर तैयारी भी साफ दिखती है। एशिया कप जैसे अहम टूर्नामेंट में इस तरह से खेलना और उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन न कर पाना चिंता का विषय है।
       
दूसरी ओर पाकिस्तान के पास शारजील खान, अहमद शहजाद, कप्तान मिस्बाह उल हक, मोहम्मद हफीज, शोएब मकसूद, उमर अकमल, शाहिद आफरीदी, उमर गुल, जुनैद खान जैसे बेहतरीन और अनुभवी खिलाड़ियों की पूरी फौज है जो भारतीय टीम की मौजूदा स्थिति का पूरा फायदा उठाने के लिए कमर कस चुकी है।
        
श्रीलंका के खिलाफ भी पाकिस्तानी टीम बेहद करीबी अंतर 12 रनों से ही पराजित हुई थी जबकि अफगानिस्तान को उसने 72 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया था। पिछले मैच में उमर अकमल ने नाबाद शतकीय पारी खेली थी जबकि हफीज ने तीन विकेट निकाले। गुल ने पिछले दोनों मैचों में बेहतरीन गेंदबाजी की है। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसके अनुभवी खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी में निरंतर प्रदर्शन कर रहे हैं और भारत के लिए सिरदर्द बन सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पाकिस्तान के खिलाफ होगी टीम इंडिया की असल चुनौती