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बारिश से सर्द हुआ मौसम, कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना

रांची। संवाददाता। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश ने आम लोगों को खूब सताया। दिन भर बारिश होने से मौसम का मिजाज सर्द रहा। तापमान अचानक पांच डिग्री नीचे गिर गया। दिन भर बारिश और सर्द हवा के कारण शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था। पिछले 24 घंटे के दौरान राजधानी में 35 मिलीमीटर बारिश हुई। दिन में लगातार रिमझिम बारिश से कामकाज में निकले शहरवासी परेशान हुए।

दोपहर में लोग स्वेटर और गर्म कपड़ो में नजर आए। लगातार बारिश से सड़कों पर गंदगी का आलम रहा। चौक-चौराहों और सड़क के गड्ढों पर जल-जमाव से आवागमन में भी परेशानी हुई। सड़कों के किनारे नालियों के अवरुद्ध होने के कारण सड़कों पर कीचड़ रहे।

जर्जर सड़क के गड्ढों पर पानी के जमाव से यातायात में भी आम जनों को परेशानी हुई। शहर के बाजारों में गंदगी का आलम रहा। खाड़ी से मिल रही पर्याप्त नमीभारत मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक बीके मंडल के अनुसार खाड़ी के ऊपर में बने एंटी साइक्लोनिक सिस्टम बन गया है।

इसके अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, खाड़ी के उत्तरी हिस्से से लेकर बांग्लादेश तक एक निम्न दबाव की रेखा बन गयी है। सिस्टम को खाड़ी से पर्याप्त नमी मिलने के कारण अधिकांश जगहों पर बारिश हो रही है। यह सिस्टम प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक कायम है। पिछले दिनों एमपी और छत्तीसगढ़ के ऊपर कायम साईक्लोकिन सर्कुलेशन के कारण पहले से हो रही बारिश रफ्तार पकड़ेगी। प्रदेश के अन्य भागों पर भी बादल छाए हुए हैं और बारिश हो रही है।

लगातार बारिश से सब्जियों पर बुरा असरगेहूं की फसल, दलहन, तेलहन और सब्जियों पर खराब असर पड़ेगा। मौसम का यह मिजाज अगले दो दिनों तक बने रहने का अनुमान है। इससे आम दाम पर उपलब्ध सब्जियों के प्रभावित होने से इसके दाम भी बढ़ सकते हैं।

मौसम कृषि विज्ञान परामर्श केन्द्र के अनुसार केवल बारिश से गेहूं को लाभ मिल सकता है। लेकिन अगर बारिश के साथ ओले पड़े तो इसे भी नुकसान पहुंचेगा। आनेवाले दिन में सताएगी ठंडभारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आनेवाले दिनों में ठंड लोगों को परेशान कर सकती है।

मौजूदा सिस्टम का प्रभाव अगले 48 घंटे तक रहने की संभावना व्यक्त की गयी है। ओले गिरने से ठंड और ज्यादा परेशान कर सकती है। दो दिन बाद आसमान से बादल हल्के होने की संभावना है। विभाग के अनुसार बादल छंटने के बाद वातावरण में नमी के कारण पछुआ के कारण रात सर्द हो सकती है। 2007 के बाद अच्छी बारिशविभाग के अनुसार 2007 के बाद अच्छी बारिश हुई है। 2005 में 64.5 और 2007 में 62.8 मिलीमीटर बारिश हुई थी।

पिछले साल मार्च में 28 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञानी के अनुसार रांची के स्थानीय मौसम के कारण मार्च में बारिश होती है। पिछले दस साल के दौरान केवल तीन को छोड़कर कमोबेश हर साल थोड़ी-बहुत बारिश हुई है।

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