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एजीएम की कुछ और बेनामी संपत्ति का चला पता

भागलपुर, वरीय संवाददाता। बिहार राज्य खाद्य निगम में चपरासी से एजीएम बने अवध किशोर मंडल के पास ईओयू (विशेष आर्थिक अपराध इकाई) को कुछ बेनामी संपत्ति के बारे में जानकारी मिली है। ईओयू ने साफ कहा है कि इन संपत्ति को हटाने या छिपाने की कोशशि की गई तो अवध किशोर मंडल और साजशि में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ फिर एफआईआर कराएंगे।

ईओयू के एसपी एनके सिंह ने कहा कि तकनीकी सेल की जांच रिपोर्ट आने के बाद अवध किशोर मंडल से पटना में पूछताछ की जाएगी। ईओयू के एक अधिकारी का कहना है कि अब तक जो जानकारी मिली है उसके अनुसार एजीएम अपने साले प्रकाश मंडल के माध्यम से जमीन खरीदता है।

प्रकाश मंडल आदमपुर में टेंट हाउस चलाता है। उसके बैंक खाते का भी पता लगाया गया है। छापेमारी के पहले रेकी करने गई टीम को दो जमीन के बारे में जानकारी मिली थी लेकिन छापेमारी के दौरान सात अन्य प्लॉट व बीमा कंपनी में लाखों रुपए के निवेश के दस्तावेज मिले।

अधिकारी ने बताया कि एजीएम के पास कुछ और संपत्ति होने की जानकारी मिली है लेकिन रिकार्ड नहीं मिले हैं। उस बेनामी संपत्ति के बारे में टीम गोपनीय तरीके से पता लगा रह है। किसी जमीन के एग्रीमेंट और व्यापार में रुपए लगाने की जानकारी मिली है।

आदमपुर में बन रहे मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के बारे में उसके साला से भी पूछताछ की जाएगी। ईओयू के अधिकारी ने कहा कि जांच में एक महीना लग सकता है। शंभूगंज प्रखंड के कसबा स्थित गांव में कुछ जमीन के कागज मिले हैं।

लेकिन अधिकतर महंगी जमीन भागलपुर में ही खरीदी गई है। एसपी ने कहा कि जिस जमीन के कागजात को जब्त किया गया है। उस जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उस जमीन को एजीएम न तो बिक्री कर सकते हैं और न ही बैंक से कोई ऋण ले सकते हैं।

बैंक के जब्त खातों से निकासी पर भी रोक रोक लगा दी गई है। इस मामले में पुख्ता सबूत के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि बुधवार को ईओयू ने बिहार राज्य खाद्य निगम के एजीएम के छोटी खंजरपुर स्थित शीला कॉम्पलेक्स स्थित आवास में छापेमारी कर करोड़ो रुपए की संपत्ति जब्त की थी।

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