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तेल के दामों में हुई वृद्धि कृत्रिम : ईरान

विश्व के चौथे बड़े तेल निर्यातक देश ईरान ने कहा है कि विश्व बाजार में तेल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और तेल के दामों में वृद्धि कृत्रिम और थोपी गई है। ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने आज टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा कि तेल उत्पादन में वृद्धि के मुकाबले खपत में हुई बढ़ोत्तरी मामूली है। बाजार में प्रचुर मात्रा में तेल अटा पड़ा है। श्री अहमदीनेजाद ने अंतर्राष्ट्रीय विकास पर ओपेक की बैठक का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि राजनीतिक और आर्थिक उद्देश्य से कुछ लोग तेल की कीमतों को कृत्रिम रुप से अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रुप से नियंत्रित कर रहे हैं। ईरान बार-बार यह दोहराता आया है कि बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता प्रचुर मात्रा में है और दामों में वृद्धि सट्टेबाजी, अमेरिकन डॉलर की कमजोरी और वैश्विक राजनीतिक उठापटक है। श्री अहमदीनेजाद ने कहा कि अमेरिकी डॉलर का कमजोर पड़ना और ईंधन के मूल्यों में वृद्धि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं जो मौजूदा अस्थिरता का कारण भी है। सऊदी अरब के तेल उत्पादन में बढ़ोत्तरी के संकेत के बावजूद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें करीब 140 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। ईरान हमेशा से कहता आया है कि पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक को उत्पादन बढ़ाने की कोई जरुरत नहीं नहीं है। दूसरी तरफ अमेरिका और तेल का अधिक इस्तेमाल करने वाले अन्य देश ओपेक से उत्पादन बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। श्री अहमदीनेजाद ने दोहराया कि तेल को केवल डॉलर में बेचने की बजाय मुद्राओं के समूह बास्केट के तहत बेचा जाना चाहिए। हालांकि उनके इस सुझाव का ओपेक देशों में शामिल वेनेजुएला को छोडकर अन्य किसी ने समर्थन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि तेल खरीद के लिए विश्व की मान्य मुद्राओं को आधार माना जाना चाहिए।

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