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कुपोषण से मरते हैं आधे से चयादा बच्चे

वीं सदी में भी यूपी मेंोन्म लेने वाले आधे से यादा बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं। भारत में 7.2 करोड़ कुपोषित बच्चों में से एक करोड़ बच्चे अकेले उत्तर प्रदेश से हैं।ड्ढr यह खुलासा ‘उत्तर प्रदेश राय में बच्चों की स्थिति’ पर मंगलवार कोोारी एक रिपोर्ट में हुआ। यह रिपोर्ट पहली बार खुद राय सरकार ने तैयार की है। यह रिपोर्ट प्रमुख सचिव नियोन वी वेंकटाचलम और यूनीसेफ के राय प्रतिनिधि डॉ. निमल हेतियारैच्ची ने यहाँ योना भवन मेंोारी की। रिपोर्ट के अनुसार यूपी में 61 फीसदी माताएँ प्रसव के लिए डाक्टर या नर्सो की मदद नहीं ले पातीं। लगभग 25 फीसदी माएँ डाक्टरों व 14 फीसदी माताओं को नर्स या दाइयों की मदद मिलती है। राय के बहुत सारोिलों में शिशु मृत्यु दर औसत स्तर से कहीं यादा है। इस रिपोर्ट में कुछ अच्छी बातें भी हैं। मसलन रिपोर्ट के अनुसार यूपी में चार करोड़ टन खाद्यान्न का उत्पादन होता हैोबकि खाद्यान्न उत्पादन क्षेत्र में पांाब का योगदान केवल 21 फीसदी है, लेकिन इसके बावाूद यूपी में मानव संसाधन की स्थिति अच्छी नहीं है। श्री वेंकटाचेलम ने कहा कि साक्षरता के मामले में पिछले दस सालों मेंोितना विकास हुआ उतना पिछले 40 साल में नहीं हुआ। आाादी के बाद 40 सालों में साक्षरता विकास दर 12 फीसदी थीोो 2001 में बढ़कर 16.7 फीसदी हो गई है।ड्ढr इस मौके पर सचिव नियोन उमेश सिन्हा समेत विभिन्न विभागों के अफसर व अर्थशास्त्री डा. आविंद मोहन मौाूद थे।ं

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