अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो टूक

शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभा का परचम लहराने वाले गरीब विद्यार्थी याचना की मुद्रा में हैं। चिंता आगे की पढ़ाई को लेकर है। ऐसे लोगों की मदद में सूबे के उदारमना लोगों का आगे आना आशा की एक नई किरण है। स्वार्थ व स्वहित में मशगूल शासनतंत्र को इससे सबक लेना चाहिए। सूबे में प्रतिभाओं की कमी नहीं। सिर्फ पुरस्कार देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री करने से काम नहीं चलने को है। आगे पढ़ने को उत्सुक मेधावी छात्र-छात्राओं व स्टेट टापरों को बुलंदियों तक पहुंचाने की पहल सरकार की नैतिक जिम्मेवारी है। धनबाद, जमशेदपुर और रांची के लोगों द्वारा मेधावी छात्रों को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए एडाप्ट करना सराहनीय पहल है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाये कम है।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: दो टूक