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डेढ़ दर्चान डिप्लोमा पाठय़क्रमों का भविष्य खतर में!

लखनऊ विश्वविद्यालय के करीब डेढ़ र्दान डिप्लोमा व सर्टिफिकेट प्रोग्राम का भविष्य खतर में है। ये वे पाठय़क्रम हैंोिनमें पिछले साल बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं।ोिन विभागों व इंस्टीटय़ूट में यह प्रोग्राम चल रहे हैं उनमें इसके कयास लगाएोा रहे हैं कि इस वर्ष भी पर्याप्त संख्या में छात्र न मिले तो संभव है कि इसी वर्ष अथवा अगले साल इन्हें बंद कर दियाोाए।ड्ढr विश्वविद्यालय मेंोर्मन, फ्रेंच, रसियन, तिब्बतन और मॉडर्न अरबिक में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट प्रोग्राम चलाएोा रहे हैं। साथ ही फ्रेंच, रसियन औरोर्मन में एडवांस डिप्लोमा पाठय़क्रम भी उपलब्ध हैं लेकिन इनमें से किसी का भी रिस्पांस अच्छा नहीं रहा है। इसके अलावा पोस्ट ग्रेाुएट डिप्लोमा पाठय़क्रमों में डेमोक्रेसी एण्ड गवर्नेंस, हॉस्पिटल एण्ड हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन, ह्यूमन रिसोर्स डेवलॅपमेंट एण्ड आर्गनाक्षेशनल बिहैवियर, एप्लाइड एथिक्स, वास्तुशास्त्र, डिाास्टर रिलीफ एण्ड रिहैबिलिटेशन, काउंसिलिंग एण्ड कम्युनिकेशन, ट्रांसलेशन, लिंग्विस्टिक्स, अर्बन मैनेामेंट, मेडिकल हेल्थ एण्ड वेलनेस टूरिम और डिप्लोमा पाठय़क्रमों में हेल्थ एण्ड हाक्षीन, एयरलाइन टिकटिंग में पिछले साल बेहद कम एडमिशन हुए थे। इस साल इन प्रोग्राम में दाखिले की प्रक्रिया बदल दी गई है और इनके प्रचार के भी इंतााम ठीक नहीं हैं। ऐसे में इस साल इनमें और भी कम आवेदन आने की आशंकाोताईोा रही है। उधर, केवल रोगारपरक और पर्याप्त संख्या में छात्रों के पांीकरण वाले पाठय़क्रमों को ही चलाने के विश्वविद्यालय के फैसले से एमए के कुछ मुख्य कार्यक्रमों को लेकर भी बेचैनी है। इनमें से कई प्रोग्राम भविष्य के लिहाा से काफी महत्वपूर्ण हैं। स्थिति यह है कि इन पाठय़क्रमों को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई शिक्षक ‘माउथ पब्लिसिटी’ और मीडिया से आग्रह कर इन पाठय़क्रमों के प्रतिोागरूकता पैदा करने की गुहार लगा रहे हैं।ड्ढr

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  • Web Title: डेढ़ दर्चान डिप्लोमा पाठय़क्रमों का भविष्य खतर में!