DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भूमि अधिग्रहण को गये अफसरों का घेराव

लोगों का विरोध भारी पड़ा और बेऊर से उलटे पांव लौटे भू-अर्जन के पदाधिकारी-कर्मचारी। बेऊर जेल की सुरक्षा के प्रति चिंतित राज्य सरकार ने बेऊर आदर्श केन्द्रीय कारा के आस-पास की जमीन को अधिगृहीत करने का फैसला लिया है। खासकर माओवादियों के खतर को देखते हुए सरकार ने जेल के चारों ओर करीब साढ़े सात सौ एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने का फैसला लिया है। जेल के पास निगम की भी जमीन है जिसपर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है । इस भूमि को भी मुक्त कराया जाएगा। जमीन अधिग्रहण करने के लिए ही भूअर्जन विभाग के पदाधिकारी पुलिस बल के साथ बेऊर जेल के आसपास इलाके में आ धमके। भूअर्जन विभाग के पदाधिकारियों को देखते हुए स्थानीय जनता के आक्रोश का ठिकाना नहीं रहा और सैकड़ों लोगों ने पदाधिकारियों का घेराव किया।ड्ढr ड्ढr स्थानीय लोगों का कहना था कि वे जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। सरकार बेऊर जेल की सुरक्षा के बहाने सैकड़ों परिवार को बेघर करने पर तुली है। गंगा विहार व शिवनगर कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि अगर बेऊर जेल की सुरक्षा को लेकर सरकार जमीन अधिग्रहण ही करना चाहती थी तो यह प्रक्रिया बहुत पहले ही शुरू कर देना चाहिए था। अब जब सैकड़ों परिवार इस इलाके में बस गए हैं और अब सुरक्षा के बहाने उसे उजाड़ने की कोशिश की जा रही है जो सरासर अन्याय है। इस मुहल्ले की जनता नक्शा पास कराकर मकान बनाया तथा पटना नगर निगम को टैक्स भी दे रहा है तो फिर उसे उजाड़ने की कोशिश क्यों की जा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भूमि अधिग्रहण को गये अफसरों का घेराव