अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकार से सशर्त वार्ता को तैयार गोरखा नेता

अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) पश्चिम बंगाल सरकार के साथ बातचीत को तैयार हो गया है। हालांकि जीजेएम ने वार्ता के लिए अपनी कुछ शर्ते रखी हैं। उसकी पहली शर्त है बातचीत केंद्र सरकार की मौजूदगी में हो और दूसरी कि बातचीत दिल्ली में हो न कि कोलकाता में। जीजेएम के महासचिव रोशन गिरी ने बताया, ‘‘हम बातचीत के लिए कोलकाता जाने को तैयार नहीं है। राज्य सरकार से बातचीत के लिए हम तैयार हैं लेकिन यह बातचीत केंद्र सरकार के किसी प्रतिनिधि की मौजूदगी में हो। वह भी दिल्ली में।’’ उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने बुधवार को जीजेएम प्रमुख बिमल गुरूंग को पत्र लिखकर फिर से बातचीत की अपील की है। हालांकि हमें अभी तक उनका पत्र नहीं मिला है। गिरी ने बताया, ‘‘दार्जिलिंग के जिलाधिकारी राजेश पांडेय ने मुझे बताया कि जसे ही उन्हें मुख्यमंत्री का पत्र मिलेगा वे उसे हमें सौंप देंगे।’’ इस बीच जीजेएम के अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान के कारण पूरे दार्जिलिंग पहाड़ी क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गुरुवार को बंद का चौथा दिन है। उल्लेखनीय है कि जेजीएम ने 10 जून को अनिश्चिकालीन बंद का आह्वान किया था। लेकिन बंद के दौरान उन्होंने 60 घंटे की छूट दी थी।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सरकार से सशर्त वार्ता को तैयार गोरखा नेता