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महंगाई की मार सेंसेक्स पर भी,517 अंक लुढ़का

महंगाई की दर के पिछले तेरह वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाने के समाचारों से देश के शेयर बाजार शुक्रवार को औंधे मुंह नीचे आए। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 517 अंक तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 157 अंक लुढ़क कर इस वर्ष के न्यूनतम स्तर पर बंद हुए। हालांकि अमेरिका में गुरुवार को शेयर बाजार की तेजी को देखते हुए शुक्रवार को बाजार ऊंचे खुले थे और महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले सीमित उतार-चढ़ाव का रुख था। दोपहर बारह बजे महंगाई के आंकड़े आने पर शेयर बाजार पूरी तरह से मंदे की गिरफ्त में आ गए और पूरे कारोबार के दौरान इससे उबर नहीं पाए। परमाणु मुद्दे को लेकर संप्रग सरकार और वाम दलों के बीच चल रही रस्साकसी ने भी बाजार को प्रभावित किया। सेंसेक्स सत्र के शुरू में गुरुवार के 15087.अंक की तुलना में 15168.05 अंक पर मजबूत खुला और ऊंचे में 15202.01 अंक तक जाने के बाद इसके मुकाबले करीब 700 अंक गिरकर नीचे में 1451अंक तक गिरा और समाप्ति पर कुल 3.42 प्रतिशत अर्थात 516.70 अंक टूटकर 14571.2अंक रह गया। इस वर्ष का इससे पहले न्यूनतम स्तर 18 मार्च को 14677 था। एनएसई का निफ्टी 156.70 अंक अर्थात 3.48 प्रतिशत के नुकसान से 4347.55 अंक रह गया। सत्र की शुरुआत में 4504.20 अंक पर मजबूत खुला निफ्टी ऊपर में 4532 अंक तथा नीचे में 4333.60 अंक तक गिरा। महंगाई की दर सात जून को समाप्त हुए सप्ताह में 2.30 प्रतिशत की अप्रत्याशित वृद्धि के साथ 11.05 प्रतिशत पर पहुंच गई। महंगाई का यह स्तर छह मई 1े बाद का सर्वाधिक है। वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने महंगाई के आंकड़े आने के बाद इसको नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठाने की घोषणा की है। विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई की दर में अनुमान से अधिक वृद्धि होने से रिजर्व बैंक जल्दी ही फिर कदम उठा सकता है। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली देखी गई। मिडकैप सूचकांक 1अंक अर्थात 3.17 प्रतिशत के नुकसान से 6032.43 अंक रह गया। स्मॉलकैप में 73अंक पर 3.43 प्रतिशत अर्थात 262.76 अंक का नुकसान हुआ। महंगाई का प्रभाव शेयर बाजारों पर इतना अधिक था कि बीएसई का कोई भी सूचकांक इसकी आंच से बच नहीं सका। अंकों के लिहाज से सर्वाधिक गिरावट धातु सूचकांक में 603.80 अंक की रही। इसका सूचकांक 14528.06 अंक रह गया। ऑयल ऐंड गैस सूचकांक 4अंक टूटा। रियलटी में 250.7अंक बैंकेक्स 208.40 अंक और कैपीटल गुड्स 267.0 अंक टूटे। हेल्थकेयर, आईटी, पीएसयू, ऑटो और टैक सूचकांकों में प्रत्येक सौ अंक से अधिक नीचे रहे। एनएसई का निफ्टी मिडकैप 50 सूचकांक पौने चार प्रतिशत और निफ्टी जूनियर 4.11 प्रतिशत नीचे बंद हुए। एशिया के शेयर बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक तीन प्रतिशत ऊपर रहा जबकि हांगकांग का हैंगसैंग और जापान का निक्केई 1.3 प्रतिशत नीचे आए। सत्र के दौरान बीएसई में कुल 2740 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ। इसमें से 81.प्रतिशत अर्थात 2245 कंपनियों के शेयर नीचे आए जबकि 16.50 प्रतिशत अर्थात 452 में लाभ रहा। मात्र 43 कंपनियों के शेयर स्थिर थे। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में 2शेयरों में नुकसान रहा। मात्र एक कंपनी आेएनजीसी का शेयर 1.56 प्रतिशत अर्थात 13.30 रुपये फायदे से 866.85 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले बीस शेयरों में प्रतिशत के आधार पर रिलायंस कम्युनीकेशंस को सर्वाधिक 6.65 प्रतिशत का झटका लगा। कंपनी का शेयर 35 रुपये गिरकर 48पये रह गया। सेंसेक्स में सर्वाधिक भारांक रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 6.61 प्रतिशत अर्थात 148.40 रुपये गिरकर 2070 रुपये पर बंद हुआ। रियलटी कंपनी डीएलएफ का शेयर 21.85 रुपये के नुकसान से 452.50 रुपये रह गया। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, जयप्रकाश एसोसिएट््रस, रिलायंस इन्फ्रा, भारती एयरटेल, अम्बूजा सीमेंट, टाटा स्टील, एसबीआई, सत्यम कंप्यूटर, विप्रो लिमिटेड, टाटा मोटर्स, आईटीसी लिमिटेड, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, टीसीएस, मारुति सुजूकी, आईसीआईसीआई बैंक, सिप्ला लिमिटेड और एचडीएफसी के शेयर सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले बीस शेयरों में थे। इनमें ढाई प्रतिशत से लेकर छह प्रतिशत का घाटा हुआ।

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