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हॉलीवुड को बॉलीवुड से फंड की तलाश

बॉलीवुड का यह नाम हॉलीवुड की देन है, लेकिन अब बॉलीवुड, हॉलीवुड को फंड मुहैया कराने का एक साधन बनने जा रहा है। भारतीय धनकुबेर अनिल अंबानी और हॉलीवुड के नामचीन निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग की कंपनी ड्रीम वक्र्स एसकेाी के बीच होने वाला संभावित समझौता विश्व की दो सबसे बड़ी फिल्म निर्माण इंडस्ट्रीा के बीच बढ़ती नजदीकियों का सूचक है। रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट के साथ ड्रीम वक्र्स का समझौता करने का मुख्य मकसद एक नई मूवी-मेकिंग कंपनी की नींव रखना बताया जा रहा है। समझौते से जुड़े सूत्रों का कहना है कि साल के बाद जसे ही बिग एंटरटेनमेंट वायाकॉम की पैरामाउंट पिक्चर्स कोछोड़ती है, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की यह कंपनी करीब 500 से 600 मिलियन डॉलर (2,145 से 2,574 करोड़ रु.) देकर ड्रीम वक्र्स के सामने समझौते का प्रस्ताव रखेगी। इस करार से हॉलीवुड के लिए भारतीय फिल्म इंडस्ट्री फंड जुटाने का एक बेहतरीन साधन बन सकती है क्योंकि भारतीय जनसंख्या का एक बड़ा वर्ग फिल्मों का प्रशंसक है। द वाल्ट डिनी कं., सोनी कार्पोरशन की सोनी पिक्चर्स, वायाकॉम और टाइम वार्नर इंक की वार्नर ब्रदर्स भारतीय मीडिया और प्रोडक्शन कंपनियों में निवेश कर के काफी लाभ कमा चुकी हैं। फिल्म निर्माण के लिए मशहूर लॉस एंजिल्स में बॉलीवुड के दखल से भारतीय निर्माताओं को अपनी फिल्मों को आसानी से विश्व भर में प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा और फिल्म मेकिंग के ग्लोबल बाजार में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री नए मुकाम हासिल कर सकेगी। भारतीय फिल्म निर्माता भी हॉलीवुड की हायर प्रोडक्शन वैल्यू और आधुनिक स्टाइल के स्टूडियोज का आयात करना चाहते हैं, जिनका देश में शुरू से ही अभाव रहा है। पूर्व में भी विदेशी निवेशक हॉलीवुड में पैसा लगा चुके हैं लेकिन उनमें से कुछ को ही सफलता हाथ लगी।

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  • Web Title: हॉलीवुड को बॉलीवुड से फंड की तलाश