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फरार दरोगा और सिपाहियों पर इनाम घोषित

मुरादाबाद। हिन्दुस्तान संवाद। सर्राफ हत्याकांड में फंसे दरोगा सैयद मंसूर आबिद और उनके साथियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसएसपी के आदेश पर दरोगा पर पांच हजार और सिपाही मुनेंद्र और राहुल पर ढाई-ढाई हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।

इस कांड में फंसे दो सिपाहियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। दरोगा और सिपाही अपहरण, हत्या और सबूत मिटाने के आरोपी पाए गए हैं। मुगलपुरा थानाक्षेत्र के कानून गोयान निवासी सुभाष चंद्र रस्तोगी के बेटे सतेंद्र रस्तोगी को 27 जनवरी की शाम करूला रोड से अगवा किया गया था।

अगले दिन उसकी लाश रामपुर के पटवाई थानाक्षेत्र के सुरजनपुर गांव के जंगल में फेंकी गई थी। स्थानीय लोगों ने मूंढापांडे थाने के तत्कालीन एसओ सैयद मंसूर आबिद, चार सिपाही राहुल, मुनेंद्र, अमित और अमरपाल को लाश फेंकते हुए देखा था।

शुरुआत जांच में इन पर आरोप सही पाए गए और एसएसपी ने पांचों पुलिसवालों को निलंबित कर दिया था। अमरपाल और अमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है। मगर सत्ताधारी विधायक के करीबी होने का सैयद मंसूर आबिद को शुरुआत से ही लाभ मिला।

आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारीः सतेंद्र हत्याकांड में फरार चल रहे मूंढापांडे के तत्कालीन एसओ सैयद मंसूर आबिद और दो सिपाहियों के खिलाफ मझोला पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में गैर जमानती वारंट की अर्जी दी।

इसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। वारंट लेकर तीन टीमें दरोगा सैयद मंसूर आबिद पुत्र सैय्यद आविद अली 579 थाना सदर बरेली कैंट, राहुल यादव पुत्र कालूराम निवासी बुडसैनी थाना बलोनी बागपत और मुनेंद्र कुमार पुत्र सुरेशपाल सिंह मगोलपुरा बिजनौर जा रही हैं। इसके बाद कुर्की की तैयारी होगी।

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