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टिकट की दरकार नहीं,बिन पैसे सफर का मजा लीजिए

गुवा निज संवाददाता। आपको भले आश्चर्य लगे लेकिन यह सच है कि किरीबुरु बंकर से करमपदा होते वमिलागढ़ के बीच एक ऐसी ट्रेन चलती है जिसमें टिकट लेकर कोई सफर नहीं करता।

यह ट्रेन नई नहीं है बल्कि पांच दशकों से चल रही है। कभी इसमें किसी टीटी ने टिकट चेक ही नहीं किया। सो लोग बिना टिकट ही सफर का मजा लेते हैं। सप्ताह में एक दिन मेंटनेंस के लिए यह ट्रेन शनिवार को बिरमित्रापुर तक जाती है। कुछ लोग इसे शटल भी कहते हैं। सेडेल गांव निवासी कानू चापिया कहते हैं कि वेलोग रोज इस ट्रेन से आना-जाना करते हैं। लेकिन कभी कोई टीटी टिकट मांगने नहीं आया। इसलिए हमलोग टिकट कटाते ही नहीं।

दो डब्बे एक मालगाड़ी के पीछे जोड़ दिए जाते हैं और यात्री उसमें सवार हो जाते हैं। न कभी एक बोगी ज्यादा लगी न कभी एक बोगी कम। पंचायत समिति सदस्य बेनुधर बारिक कहते हैं कि जब से सेल की किरीबुरु माइंस चालू हुई है, तभी से इस ट्रेन का परिचालन हो रहा है। किरीबुरु खदान साठ के दशक में खुली थी। यह ट्रेन सुबह लगभग 8-9 बजे किरीबुरु करमपदा से तोपाडीह,रॉक्सी होते ओडिशा के सुन्दरगढ़ जिले के वमिलागढ़ के लिए खुलती है और शाम में 7 बजे तक लौट आती है।

संभवत: इस ट्रेन परिचालन का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मियों को लाना-ले जाना रहा होगा। तब से ही इसका फायदा स्थानीय लोग भी उठाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 100 लोग इसका लाभ लेते हैं।

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