DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खुद को मुख्यमंत्री का करीबी बता बालू साइटों पर कब्जा

जिगना। हिन्दुस्तान संवाद। खुद को सूबे के मुख्यमंत्री और खनन मंत्री का करीब बताकर दर्जन भर असलहाबंद लोगों ने छानबे इलाके बालू साइटों पर कब्जा करना शुरू कर दिया है। गोगांव से हो रही बालू की ढुलाई करने वाले ट्रैक्टरों से मनमानी वसूली की जा रही है।

इससे आक्रोशित ट्रैक्टर चालकों ने एक सप्ताह से बालू की ढुलाई ठप कर दी है। परिणाम यह है कि छानबे ब्लाक के ग्रामीणों को कौड़ी के भाव मिलने वाली गंगा नदी की बालू अब 22 सौ रुपये प्रति ट्रैक्टर पड़ रही है। इससे इलाके के गांवों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए गंगा की रेती से खुद का पकका आशियाना तैयार करने का सपना भी चकनाचूर होता दिख रही है। नदियों के बालू खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की मनाही के बाद भी जिले में बहुत असर नहीं है।

पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी के लिए छानबे ब्लाक के गोगांव की दोनों साइटों से खनन बंद कर दिया गया था। मौजूदा समय में पुष्पराज सिंह की एनओसी खनन विभाग को मिल गई है। डीएम के आदेश पर इस साइट से बालू का खनन चालू कर दिया गया है।

बावजूद पट्टेधारक से इतर यहां दर्जन भर असलहाबंद लोगों ने साइट पर ही कब्जा शुरू कर दिया है। साइट से निकलने वाले प्रति ट्रैक्टर बालू से असलहाबंद लोग बालू की कीमत आठ सौ रुपये, परमिट के नाम पर चार सौ रुपये,सौ रुपये पुलिस खर्च और और पचास रुपये पाषाण बैरियर खर्च के नाम पर वसूली कर रहे हैं।

इससे ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई करके आजीविका चलाने वालों ने विरोध शुरू कर दिया है। लगभग तीन दर्जन ट्रैक्टर चालकों ने बालू का परहिवन बंद कर दिया है। उनका कहना है कि इतनी महंगी बालू छानके के ग्रामीण खरीद ही नही पायेंगे तो वे ढुलाई क्यों करेंगे। इसका जब तक समाधान नहीं निकाला जाता है वह असलहा के बल पर वसूली करने वालों के आगे झुकने वाले नहीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:खुद को मुख्यमंत्री का करीबी बता बालू साइटों पर कब्जा