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सपाराज में अल्पसंख्यकों की पढ़ाई पर ग्रहण

मुजफ्फरनगर। हमारे संवाददाता। मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को दी जा रही विशेष सुविधाएं उन तक नहीं पहुंच रही है। सत्र समाप्ति की और है, लेकिन अब तक शहर के अनुदानित मदरसों, कई प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में उर्दू की कई पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। एक ओर मुख्यमंत्री अपनी हर योजना में अल्पसंख्यकों को खास तवज्जो दे रहे हैं मकसद चाहे जो हो, लेकिन मुख्यमंत्री के इरादों और योजनाओं पर शिक्षा विभाग के मातहत ही ग्रहण लगा रहे हैं।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत बंटने वाली नशिुल्क उर्दू की पुस्तकें अब तक बच्चों के बस्ते में नहीं पहुंच पाई है। प्राइमरी , उच्च प्राइमरी और मदरसों में उर्दू की कुल 29 पुस्तकें कोर्स में शामिल है। सत्र समाप्ति की ओर है लेकिन तमाम पुस्तकें नहीं आई हैं। मदरसा स्कूल संचालकों का कहना है कि उर्दू को छोड़कर सभी विषयों की पुस्तकें आ चुकी हैं। सूत्रों का कहना है कि उर्दू की पुस्तकों का प्रकाशन करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय टेंडर छोड़ती है।

इस बार उर्दू की जो किताबें छापी गई थी, उनमें कुछ गलतियां थीं। जो पकड़ में आने पर पुस्तकें वापस कर दी गई। और दोबारा छापने के लिए कहा गया। बीएसए केके सिंह का कहना है कि उर्दू की पुस्तकें लखनऊ से नहीं भेजी गई हैं। जितनी किताबें आई थी, उन्हें समय पर विद्यालयों में भिजवा दिया गया है।

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