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हर वार्ड को विकास के लिए 10 लाख और मिलेंगे

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता। लोकसभा चुनाव को देखते हुए नगर निगम ने अपने बजट में शहर को कई सहूलियतें देने का प्रावधान किया है। विकास कामों का बजट बढ़ा दिया गया है और नए टैक्स लगाने से परहेज किया गया है। पानी का मीटर लगाने व जल मूल्य बढ़ाने का प्रस्ताव भी स्थगति कर दिया गया है। पार्षदों की वार्ड विकास संस्तुति राशि भी 40 से बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दी गई है।

निगम आगामी वित्तीय वर्ष की सड़कों को दुरुस्त कराने पर 78.50 करोड़ रुपए खर्च करेगा। राजधानी को खूबसूरत बनाने के लिए सभी सरकारी इमारतों की दीवारों पर खूबसूरत कलाकृतियां बनाई जाएंगी। भंसाकुण्ड स्थित विद्युत शवदाह गृह में शवों का दाह सस्ंकार मुफ्त होगा।

शवों को सुरक्षित करने के लिए नगर निगम अपने आर आर विभाग में कफिन बनाएगा। शवों को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए निगम मुफ्त में शव वाहन देगा। पेयजल के संकट से निपटने के लिए 30 नए नलकूप लगाए जाएंगे।

सीवर की सफाई के लिए प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच कर्मचारी तैनात होंगे। महापौर डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में मंगलवार को नगर निगम व जल कल विभाग के वित्तीय वर्ष 2014-15 के बजट पर चर्चा हुई।

करीब छह घंटे की चर्चा के बाद कार्यकारिणी बजट को मंजूरी दे दी है। नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष में 1353.10 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा है। जबकि इसके सापेक्ष वह 1031.41 करोड़ रुपए खर्च करेगा। बजट की खास बातेंनगर निगम कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर खर्च होगा 244.05 करोड़।

पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरीसड़क बनाने और मरम्मत के लिए 78.50 करोड़। शहरी निर्धनों के लिए 20 करोड़। शहरी निर्धनों के लिए पहली बार बड़ी रकम की व्यवस्था की गई है। अलाव, रैनबसेरे बनाने तथा शेल्टर होम की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 20 करोड़ रुपए। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पांच करोड़। इससे चौराहों को सुधारा जाएगा तथा ट्रैफिक लाइट भी दुरुस्त होगी। नालों की सफाई पर 3.50 करोड़ तथा सफाई उपकरण पर 10 करोड़।

पेट्रोल व डीजल पर 25 करोड़ के खर्च का प्रावधान स्ट्रीट लाइट पर खर्च होंगे 25.50 करोड़। इसमें नए उपकरण, नए खम्भे, पुरानी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और अस्थाई प्रकाश व्यवस्था शामिल है। साढ़े सात करोड़ मार्ग प्रकाश के कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होगा।

निजी सफाई व्यवस्था पर 15 करोड़। 13 वार्डो में सफाई का काम कर रहीं प्राइवेट एजेन्सियों के बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं। विद्युत शवदाह गृह में कोई शुल्क नहीं पड़ेगा। भंसाकुण्ड स्थित विद्युत शवदाह गृह में अभी करीब 450 रुपए शुल्क देना पड़ता है।

वातानुकूलित ताबूत बनेंगे : आर आर विभाग में दो वातानुकूलित ताबूत बनाए जाएंगे जिसमें लोग अपने परिजनों के शवों को सुरक्षित रखवा सकेंगे। इसे भी मुफ्त में लोगों को दिया जाएगा। जरुरत पड़ने पर ताबूतों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके लिए बजट में 25 लाख रुपए रखे गए हैं। इसकी सुविधा अप्रैल से मिलेगी। शव वाहन मिलेंगे मुफ्त : शवों को घर से श्मशान घाट तक लाने के लिए नगर निगम मुफ्त शव वाहन व्यवस्था शुरू करेगा। कई वर्ष पहले दो शव वाहन बनाए थे।

लेकिन यह बंद हो गए थे। अब तीन नए शव वाहन आएंगे। दाह संस्कार के बाद वाहन लोगों को उनके घर भी वापस छोडेम्गा। मोबाइल टेस्टिंग लैब : मोबाइल लैब में निर्माण की गुणवत्ता जांचने के उपकरण लगे होंगे। जहां भी घटिया निर्माण की शिकायतें मिलेंगी। विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम मौके पर लैब के साथ पहुंचेगी। दावा है कि इससे सड़क, नाले-नालियों के घटिया निर्माण पर अंकुश लगेगा। इसके लिए बजट में 25 लाख रुपए का इंतजाम है। बनेंगे दो नए कल्याण मण्डप: इन्हें महानगर कल्याण मण्डप की तर्ज पर बनाएगा। इसके लिए दो करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

दीवारों पर बनेंगी कलाकृतियां: नगर निगम सरकारी बिल्डिंगों की दीवारों पर खूबसूरत कलाकृतियां बनवाएगा। इससे शहर सुन्दर दिखेगा। इन पर पोस्टर लगाने व वॉल राइटिंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कलाकृतियां पर्यावरण, सफाई, शिक्षा, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने वाली होंगी। बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर तीन दर्जन आधुनिक शौचालय बनेंगे। इन्हें पीपीपी माडल पर बनाया जाएगा। इसमें दो रुपए ही शुल्क लिया जाएगा। बजट में 10 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।

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