DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सच्चे व्यक्ति की पहचान

बीरबल की चतुरता के किस्से ईरान के बादशाह तक भी पहुंचे। उन्होंने बीरबल की चतुरता को परखने के लिए उसे अपने यहां आमंत्रित किया। बीरबल ईरान के बादशाह के महल पहुंचे। वहां उनका स्वागत किया गया। उन्हें एक सुंदर कमरे में विश्रम के लिए यह कह कर ठहराया गया कि बादशाह उनसे दरबार में शाम को मिलेंगे। शाम के समय जब सैनिक बीरबल को दरबार में ले गए तो वह यह देख कर हैरान रह गए कि वहां एक जैसे दिखने वाले पांच व्यक्ति पांच सिंहासनों पर बैठे थे और सभी ने एक जैसी पोशाक पहनी थी। वे इतने समान थे कि उनमें से बादशाह कौन है, पता लगाना बहुत मुश्किल था। ईरान के मंत्री ने उन पांचों में से बादशाह की पहचान करने को कहा। बीरबल यह देख सोच में पड़ गए। फिर वह पांचों बादशाहों के करीब जाकर उन्हें गौर से देखने लगे। सबको गौर से देखने के बाद वे चौथे नंबर के व्यक्ति के पास सिर झुका कर बोले, ‘महाराज मैं आपको सलाम करता हूं।’

यह सुन कर बादशाह बीरबल से बोले, ‘बीरबल तुम सच में बहुत चतुर हो, लेकिन तुमने मुझे पहचाना कैसे?’ बीरबल बोले, ‘महाराज, जब मैं आप सबको ध्यान से देख रहा था तो आपको छोड़ सबके चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। बाकी सब मेरे ध्यान से देखने पर आप जैसे हाव-भाव बनाने की कोशिश में सतर्कता बरतते हुए खुद को असली दिखाने की कोशिश करने लगे। आप सचमुच बादशाह हैं, इसलिए आपके चेहरे पर निश्चलता थी। इसलिए मैं आपको पहचान गया।’ यह जवाब सुन कर ईरान का बादशाह बहुत खुश हुआ और उसने बीरबल को ईनाम में ढेरों उपहार दिए। कहानी बताती है कि जीवन में सुदृढ़ व्यक्तित्व वाला मनुष्य विपरीत परिस्थितियों में भी निश्चल रहता है जबकि मुखौटा ओढ़े हुए व्यक्तियों का जल्दी ही पर्दाफाश हो जाता है। यही सच कार्यस्थल पर भी अमल में आता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सच्चे व्यक्ति की पहचान