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जलबोर्ड घोटाले के तीन मामलों में दर्ज होगी एफआईआर

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता। दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को जलबोर्ड में 341 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के तीन मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की आरे से सोमवार को जारी बयान के अनुसार भागीरथी जलशोधन संयत्र को काम निजी कंपनी को गलत तरीके से देने और पानी के मीटरों की खरीद से जुड़े दो मामलों में एफआईआर दर्ज कर जां करने को कहा गया है। इस बारे में सरकार को इन मामलों में जलबोर्ड के सदस्यों, इंजीनियरों, सलाहकारों और ठेकेदारों सहित कुठ अन्य प्रमुख लोगों के खिलाफ शिकायतें मिली थी।

इनके आधार पर ही सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक इकाई को प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है। इनमें पहला मामला उत्तर पूर्वी दिल्ली में जलबोर्ड के भागीरथ जलशोधन संयंत्र से जुड़े कई कामों का ठेका एक निजी कंपनी को गलत तरीके से अधिक कीमत पर देने से जुड़ा है।

जिसकी वजह से सरकारी खजाने को 158 करोड़ रुपये की चपत लगी। इसमें सीपीडब्ल्यूडी के नियमों की अनदेखी की जांच की जाएगी। ज्ञात हो कि भागीरथ जलशोधन संयंत्र मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में पहले ही याचिका दायर की जा चुकी है जो कि अदालत में विचाराधीन है।

दूसरा मामला जलबोर्ड द्वारा चार लाख एएमआर और नॉन एएमआर मीटर खरीद में वित्तीय अनयमिताओं से जुड़ा है। इसमें एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए उससे अधिक कीमत पर मीटर खरीदे गए। जिससे सरकार को कथित तौर पर 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि तीसरा मामला भी मीटर खरीद से ही जुड़ा है। इसमें एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए एक ही टेंडर जारी कर उक्त कंपनी से 3.5 लाख नॉन एएमआर मीटर खरीदे गए।

इससे सरकारी कोष को लगभग 33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सरकार ने इन शिकायतों पर फौरी तौर पर जांच के बाद पाया कि इन तीनों मामलों में प्रथम दृष्टया मामला दर्ज करना जरूरी है। जिससे इनकी जड़ में जाकर विस्तृत जांच के बाद हकीकत का पता लगाया जा सके।

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  • Web Title:जलबोर्ड घोटाले के तीन मामलों में दर्ज होगी एफआईआर