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किसानों के नाम पर प्रॉपर्टी डीलर हैं किसान नेता :

बल्लभगढ़। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि किसानों की आवाज उठाने वाले नेताओं की इस देश में बेहद कमी है। जो हैं वह किसानों के कम प्रॉपर्टी डीलरों के ज्यादा नेता हो चुके हैं। यही कारण है कि इस देश के किसान की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है और वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर है।

वह सोमवार को भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं जम्मू-कश्मीर के प्रभारी मूलचंद शर्मा के सेक्टर-10 स्थित कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू जरूर करना चाहिए। इतना ही नहीं किसानों की समस्याओं को चुनावी एजेंडें में शामिल किया जाना चाहिए। किसान को उसकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है।

यही कारण है कि देश के विभिन्न हिस्सों में आज किसान आत्महत्या करने को ववशि हो रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दुख की बात तो यह है कि राजनैतिक दल विभिन्न मुद्दों को चुनावी एजेन्डे में शामिल करते हैं किन्तु देश के अन्नदाता से जुड़े मुद्दों को चुनावी एजेन्डे में शामिल करने से बचते हैं।

जबकि आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी राजनैतिक दल किसान से जुड़े हुए मुद्दों को न सिर्फ चुनावी एजेन्डे में ही शामिल करें बल्कि उन पर गहन चिंतन भी करें। उन्होंने कहा कि गुड़गांव व झज्जर जिलों में एसईजेड़ के नाम पर अधिगृहित की गई किसानों की जमीन को वापस किसानों को ही पुराने मूल्यों पर दिया जाए। सरकार ने किसानों की जमीन तो एसईजेड़ के नाम पर अधिगृहित कर ली किन्तु वहां कुछ भी विकसित नहीं किया गया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा सोनीपत में किसानों की बैठक किए जाने को एक राजनैतिक स्टंट बताते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में ही किसानों के हितैषी है तो वह पहले राबर्ट वाड्रा द्वारा खरीदी गई जमीन को वापस किसानों को दिलाए। इस अवसर पर मूलचंद शर्मा के अलावा जिलाध्यक्ष अजय गौड़, नयनपाल रावत, शविदत्त वशिष्ठ, ओमप्रकाश रक्षवाल एवं पं.टिपर चंद शर्मा उपस्थित थे।

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