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व्रत और त्योहार/ पंचांग (मंगलवार, 11 फरवरी, 2013)

भीष्म द्वादशी। सोमपद द्वादशी। वेदारम्भ में अनध्याय। भीष्मोद्देश्य से तर्पण श्रद्ध। तिल द्वादशी। तिलोत्पत्ति। तिल स्नान। तिल होम। तिल नैवेद्य। तिल से श्री विष्णु पूजा। शुक्र की परम तेजस्विता। सूर्य उत्तरायण। सूर्य दक्षिण गोल। शिशिर ऋतु। सायं 3 बजे से सायं 4.30 बजे तक राहुकालम। 11 फरवरी, मंगलवार, 22 माघ (सौर) शक 1935, माघ मास 29 प्रविष्टे 2070, 10 रबी-उस्सानी सन हिजरी 1435, माघ शुक्ल द्वादशी रात्रि 10 बज कर 12 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी, आद्र्रा नक्षत्र सायं 4 बज कर 29 मिनट तक तदनंतर पुनर्वसु नक्षत्र, विष्कुंभ योग प्रात: 6 बज कर 42 मिनट तक पश्चात् प्रीति योग, बव करण, चंद्रमा मिथुन राशि में (दिन-रात)।

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  • Web Title:व्रत और त्योहार/ पंचांग (मंगलवार, 11 फरवरी, 2013)