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मनरेगा मजदूरी दरों की समीक्षा के बारे में समिति गठित

मनरेगा मजदूरी दरों की समीक्षा के बारे में समिति गठित

सरकार ने सोमवार को बताया कि मुद्रास्फीति के प्रभावों से मजदूरी को अप्रभावित रखने के लिए प्रति वर्ष मनरेगा मजदूरी दरों की समीक्षा के उद्देश्य से सिफारिशें देने के लिए एक समिति का गठन किया गया है।

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने वानसुक साइम के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समिति प्रो महेंद्र देव की अध्यक्षता में गठित की गयी है।

उन्होंने कहा कि इस समिति के तीन विचारणीय बिन्दु हैं। पहला, क्या कषि श्रमिक के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मजदूरी को मुद्रास्फीति से सुरक्षित रखने के लिए उपयुक्त सूचकांक हैं। यदि नहीं तो मनरेगा मजदूरी दरों को प्रति वर्ष संशोधित करने वाला उचित सूचकांक कैसा होगा। दूसरा, 2014 में तथा उसके बाद प्रत्येक पांच वर्ष के लिए बेसलाइन निर्धारित करने का तौर तरीका। तीसरा, इस मुद्दे से संबंधित कोई अन्य मामला।

मंत्री ने बताया कि सांख्यिकी एवं कार्यान्वयन मंत्रालय ने मनरेगा से जुड़े मुद्दों और मनरेगा मजदूरी को अद्यतन करने के लिए एक अलग सूचकांक बनाने की दृष्टि से फ्रेमवर्क तैयार करने हेतु  एक समिति गठित की थी। यह समिति पूर्व मुख्य सचिव सांख्यिकीविद एवं सचिव :सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन: डा़ प्रणव सेन की अध्यक्षता में गठित की गयी थी।

उन्होंने बताया कि सेन समिति ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

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