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इस सत्र से तेरह इंचाीनियिरग कॉलेज

नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में इस सत्र से छात्रों का नामांकन होगा पर मधेपुरा में नामांकन रुक सकता है। इसे सरकारी अधिकारियों की उदासीनता कहे या प्राथमिकता तय न करने की उनकी मानसिकता। सरकार का प्रयास दोनो ही कॉलेजों को इसी सत्र (2008-200से एक साथ चालू करने का है। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीई) ने भी दोनों कॉलेजों में नामांकन की तैयारी की है। पर मधेपुरा जिला प्रशासन एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के बीच तालमेल के अभाव का नतीजा है कि वहां अस्थायी पढ़ाई की व्यवस्था अब तक नहीं हो पायी है। वैसे इंजीनियर बनने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है।ड्ढr ड्ढr सरकार ने इस सत्र से सूबे में 13 इंजीनियरिंग कॉलेजों की व्यवस्था कर दी है। सूबे में अब सात सरकारी और छह प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रतिभाशाली छात्र निकलेंगे और सूबे के विकास में योगदान देंगे। सरकारी स्तर पर मुजफ्फरपुर एवं भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज पहले से चल रहे हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इस सत्र से दरभंगा, मोतिहारी एवं गया इंजीनियरिंग कॉलेजों को खोलने की हरी झंडी दे दी है। वहां एआईसीटीई के मानकों के अनुरुप आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है। नालंदा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के संचालन की भी सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। अस्थायी रूप से चंडी स्थित मगध महाविद्यालय परिसर में इंजीनियरिंग कॉलेज के मानक के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध करा ली गईं हैं। पर इंजीनियरिंग कॉलेज मधेपुरा के अस्थायी संचालन के लिएड्ढr अब तक सिर्फ भवन ही खोजा जा सका है।

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