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अरविंद केजरीवाल ने कहा, नेक व्यक्ति हैं उपराज्यपाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा, नेक व्यक्ति हैं उपराज्यपाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जनलोकपाल विधेयक के मुद्दे पर भले ही उपराज्यपाल नजीब जंग से मतभेद रखते प्रतीत होते हों, लेकिन उनकी प्रशंसा करते समय वह भावुक हो गए और कहा कि आप नेताओं को अपनी नाराजगी के बावजूद अपनी भाषा को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

केजरीवाल ने कहा कि जंग के साथ उनके संबंधों में कोई दरार नहीं है। उन्होंने उनके साथ अच्छे समीकरण जारी रहने की उम्मीद जताई तथा कहा कि उपराज्यपाल एक नेक व्यक्ति हैं। केजरीवाल ने कहा कि कोई दरार नहीं है। वह (जंग) बहुत-बहुत अच्छे व्यक्ति हैं और विशेषकर कि उनका मेरे से काफी स्नेह है। इसलिए कोई दरार नहीं है। उनके साथ मेरे काफी अच्छे संबंध हैं। मेरा मानना है कि वह बहुत नेक व्यक्ति हैं और उनके साथ मेरे संबंध हमेशा अच्छे रहेंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं राजनीति में आऊंगा। पिछले महीने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अभूतपूर्व तरीके से धरने पर बैठे केजरीवाल ने उस समय खुद को अराजकतावादी कहा था। आज वह उस टिप्पणी की व्याख्या करते हुए तर्क देते हैं कि भ्रष्ट राजनीतिक और कोरेपारेट नेता, कुछ नौकरशाह और मीडिया के कुछ लोग खुशी से रह रहे हैं, जबकि आम आदमी नाखुश है।

केजरीवाल ने कहा कि जब हम व्यवस्था को बदलने की बात करते हैं तो इन लोगों के लिए यह अराजकता में बदल जाती है। उनके लिए, हां, मैं अराजकतावादी हूं। यह सवाल किए जाने पर कि क्या वह खुद को राजनीतिक क्रांतिकारी कहेंगे, 45 वर्षीय आप नेता ने कहा कि हां, राजनीतिक क्रांतिकारी, हां। उनसे सवाल किया गया कि वह उन लोगों के लिए क्या कहेंगे जो उन्हें तानाशाह बुलाते हैं। इस पर केजरीवाल ने कहा कि क्या आपको लगता है कि प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव जैसे लोग एक तानाशाह के साथ काम कर सकते हैं बहुत से लोग हमारे पास आ रहे हैं। क्या वे एक तानाशाह के साथ काम करेंगे।

केजरीवाल ने कहा कि आप का नेतृत्व समग्रता में रहा है और यदि हम तानाशाह होते तो, चार लोग भी हमारे साथ खड़े नहीं होते। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कभी सोचा था कि उनके सपने राजनीति तक जाएंगे, केजरीवाल ने कहा कि अक्टूबर 2012 में पार्टी का गठन किए जाने के बाद उन्हें कुछ अच्छा करने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने नहीं सोचा था कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री बन जाएंगे।

इस सवाल पर कि क्या अब उनकी प्रधानमंत्री बनने की तमन्ना है, उन्होंने ना में जवाब दिया और जोर देते हुए कहा कि उनका मकसद भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है जिसके लिए आप संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम यहां सत्ता की राजनीति करने के लिए नहीं आए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इसके बावजूद वह प्रधानमंत्री बनेंगे, केजरीवाल ने कहा कि आप कोई भी भविष्यवाणी कर सकते हैं।

केजरीवाल को अभी कोई निश्चित नहीं है कि वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो मैं चुनाव लड़ूंगा, लेकिन मेरी पहली प्राथमिकता दिल्ली है। उन्होंने कहा कि आप उन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां से दूसरी पार्टियों के भ्रष्ट उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और हम उनके खिलाफ लड़ेंगे। यह संख्या 150 या 200 या 250 अथवा 350 हो सकती है।

उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि हमारी पार्टी केंद्र में सरकार बनाएगी, लेकिन हमारे लोग जितने अधिक संख्या में संसद के लिए निर्वाचित होंगे, उतना ही भ्रष्ट लोगों के लिए मुश्किल बढ़ेगी।

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