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ऑकलैंड टेस्टः न्यूजीलैंड ने भारत के हाथ से छीनी जीत

ऑकलैंड टेस्टः न्यूजीलैंड ने भारत के हाथ से छीनी जीत

सलामी बल्लेबाज शिखर धवन के धैर्यपूर्ण शतक से रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करने की भारत की उम्मीदें निचले मध्यक्रम के ढहने से रविवार यहां धरासायी हो गयी और न्यूजीलैंड पहला टेस्ट क्रिकेट मैच 40 रन से जीतकर दो मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त हासिल करने में सफल रहा।

भारत ने ईडन पार्क पर 407 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सुबह एक विकेट पर 87 रन से अपनी पारी आगे बढ़ायी लेकिन धवन (115) और विराट कोहली (67) के बीच तीसरे विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी के बावजूद पूरी टीम चौथे दिन ही 366 रन बनाकर आउट हो गयी।

बायें हाथ के तेज गेंदबाज नील वेगनर ने भारत को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। उन्होंने 62 रन देकर चार विकेट लिए जबकि टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट को तीन-तीन विकेट मिले।

भारत की पिछले 11 टेस्ट मैचों में विदेशी सरजमीं पर यह दसवीं हार है जबकि इस बीच एक मैच ड्रॉ रहा। महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में भारत को विदेश में 11वीं हार मिली जो नया भारतीय रिकॉर्ड है। पांच मैचों की वनडे सीरीज़ 0-4 से गंवाने वाले भारत को इस तरह से न्यूजीलैंड के वर्तमान दौरे में अब भी अपनी पहली जीत का इंतजार है। दूसरा टेस्ट 14 फरवरी से वेलिंगटन में खेला जाएगा।

लगातार असफल रहने के बाद बायें हाथ के सलामी बल्लेबाज धवन ने आज शतक जड़कर फॉर्म में वापसी की लेकिन वेगनरने लंच के बाद भारत को दो करारे ढटके दिए। उन्होंने धवन और कोहली दोनों को पवेलियन भेजा। इससे धौनी (39) और रविंद्र जडेजा (26) पर जिम्मेदारी आ गयी। दोनों ने जवाबी हमला किया लेकिन उनके पवेलियन लौटने के बाद भारत की उम्मीदें खत्म हो गयी।

वेगनरने धवन और कोहली के अलावा जहीर खान (17) और धौनी के विकेट भी लिए। इस तरह से उन्होंने मैच आठ विकेट हासिल किये।

न्यूजीलैंड के कप्तान ब्रैंडन मैकुलम को मैन ऑफ द मैच चुना गया। उनकी 224 रन की पारी की मदद से न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में तीन विकेट पर 30 रन से उबरकर 503 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में भारत 202 रन ही बना पाया। कीवी टीम दूसरी पारी में 105 रन पर ढेर हो गयी लेकिन पहली पारी की बढ़त के दम पर वह जीत दर्ज करने में सफल री।

भारत ने सुबह अपनी पारी एक विकेट पर 87 रन से आगे बढ़ायी। तब वह 407 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत से 320 रन पीछे थे।

न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने अच्छी लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की और इस बीच धवन पगबाधा की दो विश्वसनीय अपीलों से भी बचे। टिम साउथी को हालांकि जल्द ही अच्छी गेंदबाजी का इनाम मिला। उनकी खूबसूरत गेंद पर चेतेश्वर पुजारा (23) ने विकेटकीपर वी जे वॉटलिंग को कैच थमा दिया।

कोहली ने लेग स्पिनर ईश सोढ़ी के आक्रमण पर आने के बाद ही अपने हाथ खोले और कुछ जोरदार शॉट लगाए। लंच से ठीक पहले उन्होंने 80 गेंद पर दस चौकों की मदद से अपना नौवां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया।
धवन और कोहली ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले सतर्कता बरतने के बाद प्रवाहमय बल्लेबाजी की और पारी के 59वें ओवर में अपनी 100 रन की साझेदारी पूरी करने के साथ ही स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया।

बायें हाथ के सलामी बल्लेबाज धवन ने 169 गेंदों पर 11 चौकों और एक छक्के की मदद से अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया। यह सुनील गावस्कर के 1979 में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 221 रन के बाद पहला अवसर है जबकि किसी भारतीय सलामी बल्लेबाज ने विदेशी सरजमीं पर चौथी पारी में शतक जड़ा।

भारत को उम्मीद थी की कोहली भी शतक पूरा करने में सफल रहेंगे लेकिन पारी के 61वें ओवर में वह आउट हो गए। उन्होंने वेगनर की शॉर्ट और बाहर की तरफ जाती गेंद को पुल करने का प्रयास किया लेकिन वह बल्ले का किनारा लेकर वॉटलिंग के दस्तानों में चली गयी। कोहली ने 102 गेंद खेली और 12 चौके लगाए।

रोहित के क्रीज पर आने के बाद रन गति धीमी पड़ गयी और धवन भी अधिक सतर्क हो गए। वेगनर ने पारी के 75वें ओवर में भारत को एक और करारा झटका दिया। धवन के शरीर को निशाना बनाकर की गयी शॉर्ट पिच गेंद बल्लेबाज के दस्तानों को चूमती हुई विकेटकीपर के पास चली गयी। धवन ने अपनी पारी में 211 गेंद खेली तथा 12 चौके और एक छक्का लगाया।

न्यूजीलैंड ने जल्द ही दूसरी नई गेंद ली। बोल्ट को फिर से गेंद सौंप दी गयी लेकिन वह अंपायर स्टीव डेविस थे जिनके कारण भारत को रहाणे का विकेट गंवाना पड़ा। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर पैड पर लगी थी लेकिन अंपायर उसका अनुमान नहीं लगा पाये।

चाय के विश्राम के समय भारत का स्कोर पांच विकेट पर 270 रन था। उसने इसके बाद पहली गेंद पर ही रोहित शर्मा (19) का विकेट गंवा दिया जो साउथी की खूबसूरत आउटस्विंगर को नहीं समझ पाये थे। भारत तब जीत से 137 रन दूर था। धौनी और जडेजा ने आक्रामक तेवर अपनाये।

रोहित के आउट होने के बाद अगले पांच ओवरों में 45 रन बनाए क्योंकि दोनों बल्लेबाजों ने गेंद को सीमा रेखा पार भेजने में कोताही नहीं बरती। जडेजा ने अधिक आक्रामकता दिखायी जिससे ये दोनों बल्लेबाज 34 गेंदों पर 54 रन जोड़ने में सफल रहे।

जडेजा ने केवल 21 गेंदों पर 26 रन बनाए जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल है। जब वह बोल्ट की गेंद पर मिड ऑन पर कैच देकर आउट हुए तब भी भारत लक्ष्य से 83 रन पीछे थे। इसके बाद जहीर ने दबाव की परिस्थितियों में 32 गेंद का सामना किया। इस बीच दूसरे छोर पर धौनी थे लेकिन अधिकतर स्ट्राइक जहीर के पास ही रही। वगनर ने जहीर को स्लिप में कैच आउट कराकर यह साझेदारी तोड़ी।

अब धौनी पर पूरी जिम्मेदारी थी लेकिन उन्होंने करारा शॉट जमाने के प्रयास में वेगनर की शॉर्ट और बाहर जाती गेंद अपने विकेटों पर खेल दी। धौनी का आउट होना विवादास्पद रहा क्योंकि वह नोबॉल लग रही थी लेकिन तीसरे अंपायर ने कई कोणों से जांच करने के बाद न्यूजीलैंड के पक्ष में फैसला सुनाया। धौनी ने अपनी पारी में छह चौके लगाए। बोल्ट ने इशांत शर्मा (4) को आउट करके भारतीय पारी का अंत किया। वॉटलिंग का यह पारी का छठा कैच था।

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